ककरहा रेंज के गंगापुर गांव में मंगलवार देर रात घर के सामने खेल रही एक बच्ची को तेंदुआ जबड़े में दबोचकर खींचने लगा। बेटी की चीख सुनकर दौड़ी मां तेंदुए से भिड़ गई। उसने 10 मिनट तक तेंदुए से संघर्ष किया। इस दौरान गांव के लोग दौड़ पड़े। शोर मचाने पर तेंदुआ मासूम को छोड़कर जंगल की ओर चला गया। तेंदुए के हमले से दहशतजदा ग्रामीण रात भर हांका लगाते रहे। वन विभाग के अधिकारियों ने मौके का मुआयना कर लोगों से सजग रहने को कहा है। तेंदुए के हमले में जख्मी बच्ची को रात में ही सीएचसी भेजा गया। यहां पर प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
कोतवाली देहात अंतर्गत टिकोरामोड़ निवासी निरमा देवी का मायका कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के ककरहा रेंज अंतर्गत गंगापुर गांव में है। निरमा देवी एक माह पूर्व अपनी बेटी अनन्या (3) पुत्री जितेंद्र राजभर के साथ मायके गई थी।
मंगलवार देर रात अनन्या अपने नाना बहादुर राजभर के साथ द्वार पर चारपाई पर खेल रही थी। इसी दौरान बहादुर राजभर कुछ काम से घर के अंदर चले गए। तभी झाड़ियों में छिपे बैठे तेंदुए ने हमला कर अनन्या को जबड़े में दबोच लिया और ले जाने लगा। बेटी की चीख सुनकर मां निरमा देवी दौड़ी तो सामने तेंदुए को देख सहम गईं। लेकिन पल भर में ही बेटी की जिंदगी बचाने के लिए वह शोर मचाते हुए तेंदुए से भिड़ गई। उसने 10 मिनट तक तेंदुए से संघर्ष किया।
इस दौरान परिवारीजन व गांव के लोग भी दौड़ पड़े। शोर मचाने पर तेंदुआ अनन्या को छोड़कर जंगल की ओर चला गया, लेकिन हमले में बच्ची लहूलुहान होकर बेहोश हो गई। तत्काल रेंज कार्यालय को सूचना देकर मासूम को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोतीपुर पहुंचाया गया। वहां पर प्राथमिक उपचार के दौरान हालत गंभीर देखकर डॉक्टरों ने बच्ची जिला अस्पताल रेफर कर दिया है। वन क्षेत्राधिकारी मोहम्मद इरफान ने टीम के साथ गांव पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया। ग्रामीणों को सजग रहने के निर्देश दिए गए हैं। वनकर्मियों के साथ रात भर गांव के लोग रह-रह कर हांका लगाते रहे।