जिला अस्पताल में रविवार देर शाम प्रसव के बाद महिला व नवजात को बेड नहीं मिल पाया। आरोप है कि बेड उपलब्ध कराने के लिए एक डॉक्टर ने 200 रुपये मांगे। यह मांग पूरी नहीं करने पर महिला व नवजात को पांच घंटे अस्पताल की फर्श पर गुजारने पड़े।
देर रात मामले के तूल पकड़ने पर आनन फानन में उसे बेड मुहैया कराया गया। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। शहर में मोहल्ला वजीरबाग निवासी अशोक कश्यप की पत्नी गीता (30) को रविवार को प्रसव पीड़ा हुई। अशोक ने परिवारीजनों की सहायता से पत्नी को जिला अस्पताल पहुंचाया जहां देर शाम गीता ने बच्चे को जन्म दिया।
इसके बाद काफी देर तक गीता लेबर रूम में स्ट्रेचर पर रही। बेड खाली न होने की बात कहकर उसे फर्श पर लेटा दिया गया। रात 11 बजे तक प्रसूता फर्श पर नवजात के साथ कराहती रही। पति का कहना है कि उसने बेड मुहैया कराने के लिए कर्मचारियों से मिन्नतें की लेकिन वहां मौजूद एक चिकित्सक ने 200 रुपये की मांग की।
विरोध करने पर बेड मुहैया नहीं कराया गया। देर शाम पूछताछ शुरू होने पर अस्पताल प्रशासन हरकत में आया। आनन फानन में प्रसूता को बेड मुहैया कराया गया। इस दौरान अफरा तफरी की स्थिति रही। इस मामले में जानकारी करने पर मौजूद चिकित्सक ने बात करने से मना कर दिया।