बहराइच। चाकूजोत बीलगांव निवासी किसानों ने मुख्यमंत्री व जिलाधिकारी को पत्र भेजकर गन्ना सचिव की शिकायत की है। गन्ना किसानों का कहना है कि गन्ना सचिव ने फर्जी महिला व पुरुष किसानों के नाम गन्ना पर्चियां जारी कर दी हैं, जबकि सही किसान पर्ची के लिए भटक रहे हैं। किसानों ने परसेंडी और चिलवरिया चीनी मिल के कर्मचारियों की संलिप्तता की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है।
हुजूरपुर विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत चाकूजोत बील गांव निवासी कलीम अहमद पुत्र गूटे ने मुख्यमंत्री व जिलाधिकारी को शिकायती पत्र भेजा है। मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में किसान का कहना है कि चिलवरिया चीनी मिल और परसेंडी चीनी मिल कैसरगंज के गन्ना सचिव व सर्वेयर की मिलीभगत से फर्जी किसानों के नाम गन्ना सट्टा व पर्ची जारी कर दी गई हैं।
किसानों का कहना है कि गौरिया निवासी 40 से अधिक किसानों के नाम फर्जी सट्टा जारी कर दिए गए हैं। यह सभी किसान सट्टा के आधार पर ही गन्ना बेचते हैं। इससे सही किसानों का शोषण होता है। किसानों ने कहा कि फर्जी किसानों के मामले में जिला गन्ना अधिकारी व गन्ना सचिव को जानकारी है। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
इस मामले में जिला गन्ना अधिकारी शैलेष मौर्या से बात करने के लिए फोन मिलाया गया तो उनके मोबाइल को किसी दूसरे ने रिसीव किया। बात करने वाले ने जिला गन्ना अधिकारी के मीटिंग में होने की बात कही। साथ ही कहा कि सभी आरोप निराधार हैं। किसी भी फर्जी गन्ना किसान के नाम से सट्टा व पर्ची नहीं जारी की गई है।
इनके नाम बने फर्जी सट्टा
शिकायती पत्र में किसानों का कहना है कि गौरिया निवासी अब्दुल सत्तार के नाम 1459/96 व आफरीन बानो के नाम 1459/55 व अली हुसैन के नाम 1459/96, 1436/09, 1436/15 तथा इकबाल हुसैन के नाम 1459/60, यासमीन बानो के नाम 1436/46, शाहिद खान 1459/08 के नाम पर फर्जी सट्टा बना है।