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नानपारा पुलिस चौकी में हुई शादी

Tue, 04 Apr 2017 11:57 PM IST
अमर उजाला/बहराइच
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चौकी में शादी कराते पुलिस कर्मी - फोटो : अमर उजाला
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पुलिस का नाम लेते ही लोगों के चेहरे पर हवाइयां उड़ जाती हैं। लेकिन नानपारा के कस्बा पुलिस चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों का अलग ही चेहरा मंगलवार को देखने को मिला। खौफ और डर के बजाय पुलिसकर्मियों के चेहरे पर विनम्रता और वधू पक्ष की नरमी देखने को मिली। मौका था पूरे स्टाफ के लिए भोजन बनाने वाले एक गरीब रसोइये की बेटी के विवाह का। चौकी में ही नेपाल से आए बारातियों की अगुवानी हुई। वैदिक मंत्र गूंजे। सात फेरों के संग बारातियों को भोजन परोसा गया। यह भोजन किसी और ने नहीं, बल्कि चौकी इंचार्ज, दरोगा और सिपाहियों ने परोसा। 
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मंगलवार को कस्बा पुलिस चौकी के स्टाफ ने अलग ही मिशाल कायम की। पुलिस चौकी में चौकी इंचार्ज सुधीर शुक्ला, उपनिरीक्षक चंद्रपाल सिंह, अशोक सिंह, अमरेंद्र कुमार, सिपाही सुनील गुप्ता, लक्ष्मन और नसीम की तैनाती है। खैरीघाट के केवलपुर निवासी गौरीशंकर चौकी में पुलिस कर्मियों के लिए खाना बनाते हैं। गौरीशंकर के तीन बेटियां व एक बेटा है। उन्होंने बड़ी बेटी का विवाह जैसे-तैसे तीन वर्ष पूर्व किया था। मं

झली बेटी ननकी सोनी बीते वर्ष 18 वर्ष की हुई तो विवाह की चिंता सताने लगी। क्षेत्र के एक परिवार से विवाह के लिए बातचीत की, लेकिन दहेज और मंदिर के पुजारी की डिमांड पूरी नहीं कर सके। जिससे ननकी के हाथ पीले नहीं हो पाए।
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दो माह पूर्व गौरीशंकर ने खाना खिलाते समय चौकी इंचार्ज सुधीर शुक्ला से मन की व्यथा साझा की। तीन दिन पूर्व उन्होंने गौरीशंकर से बेटी के विवाह की तैयारी करने की बात कही। पहले तो गौरीशंकर भौचक रह गए। फिर चौकी इंचार्ज व अन्य पुलिसकर्मियों के ढांढस बंधाने पर उन्होंने पुत्री ननकी के लिए नेपाल के बांके जिला निवासी रामकुमार के बेटे संजय से रिश्ते की बात की। मंगलवार का दिन विवाह के लिए निर्धारित हुआ।

दोपहर 12 बजे नेपाल से 40 बाराती तीन वाहनों से नानपारा पहुंचे। यहां पर कस्बा पुलिस चौकी में टेंट लगाया गया। चौकी इंचार्ज ने बारातियों की अगुवानी की। पुलिस चौकी परिसर में स्थित मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच ननकी और संजय ने सात फेरे लिए।

चौकी इंचार्ज, सभी दरोगा व सिपाहियों ने बारातियों को अपने हाथ से खाना परोसा। देर शाम जब बारात विदा होने लगी तो गौरीशंकर के साथ ही सभी पुलिसकर्मियों की आंखें भी नम थीं। प्रभारी निरीक्षक आलोक राव भी अनूठी शादी के गवाह बने। 

पुलिसकर्मियों द्वारा पूरे विवाह का जिम्मा संभालने की सूचना मिलने के बाद कस्बे के व्यापारियों व अन्य लोगों ने भी हिस्सा लिया। व्यापारी नेता प्रकाशवीर व अन्य लोगों के सहयोग से बक्सा, बेड, गद्दा, बर्तन, 20 हजार रुपये नकदी आदि का इंतजाम हुआ। 
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