यूपी सरकार की ओर से वर्ष 2015-16 के लिए पेश किए गए बजट में बहराइच को कई योजनाएं देने की घोषणा की गई थी। लेकिन इसके बाद भी धन अवमुक्त नहीं किये जाने से जिले में कई परियोजनाएं अधर में लटकी हुई हैं। सड़क और पेयजल निर्माण के लिए बजट की दरकार है तो लोहिया गांवों की सूरत बदलने में भी धन की कमी आड़े आ रही है।
मॉडल इंटर कॉलेज के साथ ही जिला अस्पताल के उच्चीकरण की योजना भी अधर में लटकी हुई है। अनपूरक बजट से जरूर जिलेवासियों को कुछ उम्मीदें हैं। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने वर्ष 2015-16 का आम बजट पेश किया था।
आम बजट में बहराइच वासियों के लिए कई लोक लुभावन वादे किये गये थे। आम बजट में बहराइच की सड़कों को सुधारने के लिए एक हजार करोड़ रुपये देने की घोषणा की गई थी। लेकिन ग्रामीण सड़कों की मरम्मत और नई सड़कों की निर्माण के लिए यूपी सरकार ने बजट ही नहीं दिया था।
इसके कारण निर्माण कार्य शुरू ही नहीं किये जा सके। मिहींपुरवा विकासखंड के बोझिया में बन रहे मॉडल इंटर कॉलेज को पूरा किये जाने के लिए चार करोड़ रुपये का बजट देने का प्रस्ताव भेजा गया था। इस बजट पर भी कोई आवंटन नहीं किया गया। इसके कारण यह परियोजना भी अधर में लटकी हुई है।
वर्ष 2015-16 में जिले में चयनित किये गये 39 लोहिया गांवों की सूरत बदलने के लिए सरकार की ओर से बजट आवंटित नहीं किया गया है। जिसके कारण यहां भी सड़क और नाली समेत अन्य योजनाएं शुरू नहीं हो सकी हैं। जिला अस्पताल में 100 बेड बढ़ाने की घोषणा भी मुख्यमंत्री ने की थी। लेकिन इसमें भी बजट की कमी आंड़े आ रही है।