बहराइच। एक बालक के साथ अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने के मामले में मंगलवार को सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश पाक्सो ने अभियुक्त को दोषी पाते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। न्यायाधीश ने उसे 51 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया। अर्थदंड की राशि न जमा करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
रुपईडीहा थाना के एक गांव निवासी वादी ने थाने में तहरीर देकर कहा था कि 11 मार्च 2024 की शाम लगभग सात बजे उसका नाबालिग बेटा थाना हुसैनपुर गांव निवासी किशन उर्फ कृष्ण कुमार गिरी के साथ ग्राम बरवलिया में डीजे बजाने गया था। मौके का फायदा उठाकर किशन ने उसके बेटे के साथ जबरन अप्राकृतिक यौन संबंध बनाए। बेटे के शोर मचाने पर किशन ने उसके साथ अश्लीलता कर जान से मारने की धमकी दी और वहां से चला गया।
पुलिस ने वादी की तहरीर के आधार पर विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर आरोपपत्र कोर्ट में सौंपा। मंगलवार को विशेष न्यायाधीश पाक्सो अरविंद कुमार गौतम की अदालत में सुनवाई हुई। विशेष लोक अभियोजन ने घटना की गंभीरता बताते हुए अभियुक्त को अधिकतम सजा देने की दलील पेश की। अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद घटना में अभियुक्त को दोषी मानते हुए बीस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाते हुए अर्थदंड से दंडित किया है।