बहराइच। कोरोना संक्रमितों को अस्पताल ले जाने के लिए जिले में एडवांस लाइफ सपोर्ट (एलएस) सेवा की एंबुलेंस संचालित हैं। इन एंबुलेंस पर सात कर्मचारी तैनात हैं, लेकिन एंबुलेंस सेवा के मैनेजर ने इन सभी को नोटिस भेजा है, जिसमें 16 अक्तूबर तक सभी को बाहर निकालने की चेतावनी दी है। मैनेजर का कहना है कि सरकार ने एंबुलेंस सेवा बंद कराने का निर्णय लिया है। इस पर कर्मियों ने सोमवार को सीएमओ को ज्ञापन सौंपकर तैनाती की मांग की।
जिले में कोरोना संक्रमितों को कोविड अस्पताल पहुंचाकर भर्ती कराने के लिए एलएस सेवा की एंबुलेंस संचालित हैं। इन एंबुलेंस पर जिले में सात कर्मचारियों की तैनाती है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुरेश कुमार सिंह को 108, 102 व एलएस सेवा महामंत्री नसीम अहमद की अगुवाई में कर्मचारियों ने ज्ञापन सौंपा। सीएमओ को ज्ञापन सौंपकर एलएस सेवा के कर्मचारियों ने कहा है कि एडवांस लाइफ सपोर्ट सेवा को संचालित कर रही जीवीके ईएमआरआई (इमरजेंसी मैनेजमेंट रिसर्च इंस्टीट्यूट) कंपनी द्वारा प्रदेश के सभी 650 कर्मचारियों को निकाला जा रहा है। इनमें जिले के भी सात कर्मचारी निकाले जाएंगे। इसके लिए कंपनी की ओर से सभी को 16 अक्तूबर तक का समय दिया गया है।
कर्मियों ने कहा कि कर्मचारियों की ड्यूटी कंपनी की ओर से बहाल की जाए। नहीं तो वे आंदोलन करेंगे। इस मौके पर एलएस सेवा के अरविंद कुमार, अरुण कुमार, संजय सिंह, लोकनाथ वर्मा, नरेंद्र यादव, राहुल वर्मा, अंजनी नंदन दूबे समेत अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। महामंत्री नसीम अहमद ने कहा कि मंगलवार को डीएम को ज्ञापन सौंपकर ड्यूटी बहाल करने की मांग की जाएगी। इस मामले में जिला प्रबंधक बासुदेव पांडेय को फोन मिलाया गया। उनके मोबाइल पर घंटी बजती रही। उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।