शिवपुर ब्लॉक के तुलापुरवा तिगड़ा में आयोजित भागवत कथा में मौजूद श्रद्धालु।
शिवपुर (बहराइच)। ग्राम पंचायत तुलापुरवा में आयोजित सात दिवसीय भागवत कथा के दूसरे दिन रविवार को प्रवाचक महामंडेलश्वर पंडित ज्ञानी महराज ने मूर्ति का जलाधिवास कराया। इसके बाद राजा परीक्षित के जन्म की कथा सुनाई। कथा के दौरान सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।
प्रवाचक ने बताया कि परीक्षित का जन्म महाभारत के बाद हुआ था। अभिमन्यु के मरने के बाद, उत्तरा ने उनके पुत्र को जन्म दिया था, जिसका नाम परीक्षित रखा गया। प्रवाचक ने बताया कि द्रोणाचार्य के पुत्र ने पांडवों को मारने के लिए ब्रह्मास्त्र का प्रयोग किया था, तभी भगवान कृष्ण ने गर्भ में पल रहे परीक्षित की रक्षा की थी। परीक्षित जनमेजय के पिता थे और कुरुवंश को फिर से स्थापित करने में उन्होंने मदद की। प्रवाचक ने विधि-विधान से मूर्तियों का जलाधिवास भी कराया। उन्होंने बताया कि जलाधिवास प्राण प्रतिष्ठा से पहले किया जाने वाला संस्कार है, जिसमें मूर्ति को कुछ समय के लिए जल में रखा जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य मूर्ति की अखंडता व शुद्धता को सुनिश्चित करना है। इस दौरान आयोजक किशन मिश्र, अनिरुद्ध कुमार मिश्र, प्रेम कुमार मिश्र, विश्वनाथ निषाद, गोबरे लाल निषाद हृदय नारायण आदि मौजूद रहे।