महसी (बहराइच)। सरकार के तमाम प्रयास के बाद भी जिले में स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी हैं। महसी ब्लॉक का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरदी स्टाॅफ नर्स के सहारे है। यहां डॉक्टर व फार्मासिस्ट के न आने से स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हैं। अस्पताल आने वाले मरीजों को समय से इलाज नहीं मिल पाता है। मरीजों का आरोप है कि दवा व परामर्श स्टाॅफ नर्स के जिम्मे है जबकि डॉक्टर तो कभी-कभी बैठते हैं।
शनिवार को भी कुछ ऐसा ही नजारा दिखा। अस्पताल में डॉक्टर व फार्मासिस्ट गैरहाजिर थे सिर्फ स्टाॅफ नर्स व सफाई कर्मचारी मौजूद थे। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए सरकार प्रयासरत है, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही से स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। स्थानीय स्तर पर समुचित इलाज न होने से मरीजों को निजी चिकित्सकों के पास अथवा जिला मुख्यालय जाना पड़ता है। इससे अधिक खर्च के साथ उन्हें ज्यादा भागदौड़ करनी पड़ती है।
10 बजे तक डॉक्टर के कक्ष में लटकता रहा ताला
शनिवार सुबह लगभग 10 बजे अमर उजाला ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का रियालिटी चेक किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर व फार्मासिस्ट गैरहाजिर थे। स्टाॅफ नर्स भंवरलाल मरीजों को दवाएं और परामर्श देते मिले। सफाई कर्मचारी रवींद्र कुमार काम में लगे थे। डॉक्टर के कक्ष में लटका ताला देख मरीज निराश लौट रहे थे।
स्टाॅफ नर्स बांट रहे थे दवा
इलाज कराने आए हरदी निवासी सुनील कुमार यादव (26), मोहित कुमार (14), खमरिया शुक्ल निवासी आचार्यजी मिश्रा (86), बंभौरी निवासी मूलराज मिश्रा (52), रमवापुर खुर्द निवासी नंदिनी (22) को स्टाफ नर्स भंवरलाल दवा दे रहे थे। मरीजों ने कहा कि यहां ज्यादातर स्टाॅफ नर्स ही दवाई व परामर्श देने का कार्य करते हैं। डॉक्टर तो कभी-कभी ही आते हैं।
अस्पताल में डॉक्टर व फार्मासिस्ट नहीं थे, इसकी जानकारी नहीं मिली। जांच करवा कर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. एसके सिंह, सीएमओ