मटेराचौराहा (बहराइच)। चरसंडामाफी गांव में विद्युत पोल पर फॉल्ट दुरुस्त कर रहा लाइनमैन अचानक चालू हुई बिजली की चपेट में आ गया। खंभे पर ही वह लपटों से घिर गया और फिर झुलसकर नीचे गिर पड़ा। तत्काल उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। इस मामले में विभागीय जांच शुरू की गई है। सहयोगी संविदाकर्मी को प्रथम दृष्टया दोषी माना गया है।
नानपारा तहसील क्षेत्र अंतर्गत मटेरा विद्युत फीडर से चरसंडा व आसपास के गांवों को बिजली सप्लाई होती है। सोमवार देर शाम चरसंडा गांव में फॉल्ट आने से सप्लाई ठप हो गई थी। सूचना पाकर संविदाकर्मी भग्गड़वा करौंदा गांव निवासी मोहर्रम अली (30) पुत्र अहमद, फॉल्ट दुरुस्त करने के लिए पहुंचा।
उसने उपकेंद्र पर ड्यूटी में तैनात संविदाकर्मी उत्तम पांडेय से शट डाउन लिया, फिर खंभे पर चढ़कर फॉल्ट दुरुस्त करने लगा। लेकिन, 15 मिनट में ही उपकेंद्र से विद्युत सप्लाई बहाल कर दी गई। मोहर्रम अली जिंदा जलने लगा और पांच मिनट बाद वह झुलसकर जमीन पर आ गिरा। इससे अफरातफरी मच गई। गांव के लोगों ने मोहर्रम को जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां इलाज शुरू होते ही उसने दम तोड़ दिया।
विद्युत विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। मटेरा फीडर के जेई अमरजीत गुप्ता का कहना है कि घटना की विभागीय जांच शुरू की गई है। प्रथम दृष्टया फीडर पर तैनात उत्तम पांडेय दोषी पाया गया है। उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा रही है। अधिशासी अभियंता आरिफ अहमद ने कहा कि ड्यूटी के दौरान दम तोड़ने वाले लाइनमैन को विभाग की ओर से एक लाख का मुआवजा दिया जाएगा।