बहराइच शहर में हुई बारिश में छाता लगाकर गुजरते लोग।
बहराइच। तराई में मानसून की दस्तक तो महसूस हो रही है, लेकिन अब भी झमाझम बारिश का इंतजार बना हुआ है। मंगलवार देर रात गरज-चमक के साथ हल्की फुहारें पड़ीं तो लोगों ने राहत महसूस की। बुधवार को सुबह छाए बादलों से लोगों को अच्छी बारिश की उम्मीद थी, दोपहर होते ही तेज धूप निकल आई। इससे किसानों की उम्मीदों पर पानी फिर गया। वहीं, उमस बढ़ जाने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान सामान्य से कम रहने के बावजूद वातावरण में नमी अधिक होने के कारण उमस का असर बना रहा। मौसम विशेषज्ञ डाॅ. पीएल त्रिपाठी ने बताया कि वातावरण में नमी अधिक होने के कारण अगले 24 से 48 घंटे के दौरान कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। किसानों को भी मौसम के पूर्वानुमान पर नजर रखते हुए कृषि कार्य करने की सलाह दी गई है।
सूखे की चिंता बढ़ी, रोपाई पर संकट के बादल
मानसून की सुस्त चाल ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग की कई बार बारिश की संभावना जताने के बावजूद जिले के अधिकांश इलाकों में उम्मीद के मुताबिक बारिश नहीं हुई। पचदेवरी गांव के गन्ना किसान सतीश सिंह का कहना है कि समय पर बारिश नहीं हुई तो सूखे जैसे हालात बन सकते हैं। गुरचाही गांव के किसान संदीप सिंह ने भी धान समेत अन्य फसलों के प्रभावित होने की आशंका जताई। वहीं, महरौली के किसान राम गोपाल पांडेय का कहना है कि आषाढ़ का पहला सप्ताह बीतने के बावजूद खेतों में रोपाई लायक पानी नहीं है। पंपिंग सेट से भरा गया पानी भी तेज धूप के कारण गर्म हो जा रहा है, जिससे धान की रोपाई का अनुकूल वातावरण नहीं बन पा रहा है।
बाल रोगियों में इजाफा, पहुंचे 450 रोगी
मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर बच्चों की सेहत पर भी दिखाई देने लगा है। बुधवार को मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग की ओपीडी में करीब 450 बच्चे उपचार के लिए पहुंचे। इनमें पेट दर्द, बुखार, उल्टी-दस्त और वायरल संक्रमण के मरीजों की संख्या अधिक रही। बाल रोग विभाग के वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. एसके त्रिपाठी ने बताया कि मौसम में नमी बढ़ने और खानपान में लापरवाही के कारण बच्चों में संक्रमण तेजी से फैल रहा है। उन्होंने अभिभावकों को बच्चों को उबला या स्वच्छ पानी पिलाने, ताजा भोजन कराने, बाहर के खुले खाद्य पदार्थों से परहेज करने और किसी भी समस्या होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की। उनके अनुसार समय पर इलाज से अधिकांश बीमारियों पर आसानी से नियंत्रण पाया जा सकता है।