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पिता समेत तीन पुत्रों को आजीवन कारावास

Thu, 16 Mar 2017 11:35 PM IST
अमर उजाला/बहराइच
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जेल में रहेगा सात लोगों का परिवार, उम्रकैद की सजा
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मोतीपुर के गुलरा बकसहिया गांव निवासी एक युवक अपनी पत्नी से तलाक चाहता था। इसी मामले को लेकर उसके ससुर और तीन सालों ने मवेशी चराने गए बाबा व बहन पर धारदार हथियार से हमला कर बाबा को मौत के घाट उतार दिया था। जबकि बहन घायल हो गई थी। इस मामले में गुरुवार को सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश/स्पेशल जज ईसी एक्ट ने घटना में नामजद चार आरोपियों को आजीवन कारावास व जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर सभी को अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। 
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दीवानी कचहरी के डीजीसी क्रिमनल संत प्रताप सिंह ने बताया कि मोतीपुर थाना अंतर्गत गुलरा बकसहिया गांव निवासी मोहम्मद अहमद उर्फ सलामत ने चार जुलाई 2012 को मोतीपुर थाने में तहरीर देकर कहा था कि उसका विवाह गांव के ही आलमगीर की बेटी से हुआ था। लेकिन पत्नी से विवाद के चलते वह उसे साथ नहीं रखना चाहता था।

इसको लेकर ससुराल के लोग रंजिश रखते थे। चार जुलाई 2012 को मोहम्मद अहमद के बाबा बाउर व बहन ताजू बेगम बबई नाला के निकट मवेशियों को चराने गए थे। तभी उसके ससुर आलमगीर, साला मुजफ्फर, आरिफ तथा अकबाल धारदार हथियारों से लैस होकर मौके पर पहुंच गए और सभी ने हमला कर बाबा बाउर को मौके पर ही मौत के घाट उतार दिया था। जबकि बहन लहूलुहान हो गई थी। इस मामले में आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा।
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गुरुवार को मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश/स्पेशल जज ईसी एक्ट नरेंद्र कुमार के न्यायालय पर हुई। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायाधीश ने आलमगीर व उसके पुत्रों को हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा व 20-20 हजार रुपये जुर्माना से दंडित किया। जबकि धारा 323 के मामले में एक-एक हजार रुपया जुर्माना लगाया गया। जुर्माना अदा न करने पर सभी को अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
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