बहराइच। महसी तहसील के महराजगंज में बीते दिनों मां दुर्गा के प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान अब्दुल हमीद ने बेटों के साथ मिलकर रेहुआ मंसूर निवासी रामगोपाल मिश्रा की हत्या कर दी थी। शनिवार को डीएम ने रामगोपाल की हत्या में प्रयुक्त बंदूक समेत तीन के लाइसेंस निरस्त कर दिए। शस्त्र निरस्तीकरण के बाद हरदी पुलिस ने तीनों बंदूकों को जब्त कर लिया।
हरदी थाना प्रभारी कमलशंकर चतुर्वेदी ने बताया कि बीते अक्तूबर को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुए विवाद में अब्दुल हमीद ने अपने तीन पुत्रों सरफराज उर्फ रिंकू, तालिब उर्फ सबलू व फहीम के साथ लाइसेंसी बंदूक से राम गोपाल मिश्रा को निर्मम हत्या कर दी थी। इसके बाद हत्या समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच की गई। जांच में मुख्य आरोपी अब्दुल हमीद के साथ ही उसके परिजनों महराजगंज कस्बा निवासी हाजी मसउद अहमद व हाजी मोहम्मद अहमद के लाइसेंसी शस्त्र जनहित विरोधी मिले।
इसके संबंध में 25 अक्तूबर को सीओ व एएसपी ग्रामीण की संस्तुति रिपोर्ट के साथ शस्त्र लाइसेेंस निरस्तीकरण के लिए आख्या एसपी व डीएम को दी थी। इस पर डीएम ने डीबीबीएल गन 12 बोर, एसबीबीएल गन 12 बोर व हत्या में प्रयुक्त एसबीबीएल गन 12 बोर के लाइसेंस निरस्त कर दिए। थाना प्रभारी कमलशंकर चतुर्वेदी ने बताया कि तीनों शस्त्रों को जब्त कर लिया गया है।