बहराइच। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पयागपुर में शनिवार को कुष्ठ खोजी अभियान के तहत आशा कार्यकर्ताओं के लिए एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह अभियान नौ से 23 मार्च तक चलाया जाएगा। जिसका उद्देश्य संभावित कुष्ठ रोगियों की पहचान कर उन्हें समय पर इलाज उपलब्ध कराना है।
प्रशिक्षण के दौरान निर्देश दिया गया कि आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर संभावित मरीजों की पहचान करेंगी और उनकी जानकारी सुपरवाइजर के माध्यम से अस्पताल तक पहुंचाएंगी। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि यदि शुरुआती चरण में ही कुष्ठ रोग की पहचान हो जाए, तो सामान्य उपचार से मरीज पूरी तरह ठीक हो सकता है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. धीरेंद्र तिवारी ने कहा कि किसी भी संदिग्ध मरीज की सूचना मिलते ही उसे तुरंत स्वास्थ्य केंद्र भेजें, ताकि रोग को फैलने से रोका जा सके। कार्यक्रम में एनएमए एके पांडेय, बीपीएम अनुपम शुक्ल सहित क्षेत्र की कई आशा कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।
अभियान के दौरान आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करेंगी। इसके साथ ही, नियमित टीकाकरण अभियान के अंतर्गत हेडकाउंट सर्वे (जनगणना सर्वे) किया जाएगा, ताकि छूटे हुए बच्चों और गर्भवती महिलाओं की सूची तैयार कर उन्हें अनिवार्य टीकाकरण से जोड़ा जा सके। जिन पात्र लाभार्थियों के पास आभा आईडी और आयुष्मान कार्ड नहीं हैं, उनका भी मौके पर पंजीकरण कराया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि क्षेत्र का प्रत्येक नागरिक सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ उठा सके।