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Bahraich News: आबादी के करीब पहुंचा तेंदुआ, आधी रात को पिंजरे में हुआ कैद

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ककरहा रेंज के ढोढ़ेपुरवा में पिंजरे में कैद वयस्क नर तेंदुआ। 
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मिहींपुरवा। कतर्नियाघाट के जंगल में बाढ़ का पानी बढ़ने के साथ वन्यजीवों की आबादी की ओर बढ़ती हलचल के बीच वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। ककरहा रेंज के पचासा बेझा स्थित ढोढ़ेपुरवा गांव के पास लगाए गए पिंजरे में बुधवार रात करीब 12 बजे वयस्क नर तेंदुआ कैद हो गया। करीब एक माह में आबादी के निकट छठे तेंदुए के पिंजरे में कैद होने से लोगों ने राहत की सांस ली है।
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रात में तेंदुए के पिंजरे में कैद होने की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और उसे सुरक्षित ककरहा रेंज कार्यालय ले गई। पशु चिकित्सकों की टीम ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया, जिसमें तेंदुआ स्वस्थ पाया गया। प्रभारी वन क्षेत्राधिकारी केके सिंह ने बताया कि पिंजरे में कैद तेंदुए का वजन लगभग 45 से 50 किलोग्राम के आसपास है। जबकि उसकी उम्र नौ वर्ष है। उन्होंने कहा कि पिछले 30 दिनों में कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में रेस्क्यू किए गए तेंदुओं की संख्या अब छह हो गई है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार पकड़े गए तेंदुए के मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बाढ़ के बीच बढ़ी वन्यजीवों की हलचल

घाघरा नदी के बढ़े जलस्तर और निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है। पानी बढ़ने पर वन्यजीव ऊंचे और सुरक्षित स्थानों की तलाश में जंगल से बाहर निकलकर खेतों और आबादी के आसपास पहुंच रहे हैं। तेंदुओं की लगातार मौजूदगी को देखते हुए संवेदनशील गांवों में निगरानी और गश्त बढ़ा दी गई है।
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ग्रामीणों को अकेले खेत न जाने की सलाह
डीएफओ अपूर्व दीक्षित ने ग्रामीणों से खेतों में अकेले नहीं जाने की अपील की है। सुबह अंधेरा रहते और शाम ढलने के बाद खेतों की ओर जाने से बचने तथा बच्चों को अकेले बाहर न निकलने देने की सलाह दी गई है। घनी झाड़ियों और ऊंची घास के आसपास भी विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। वन्यजीव दिखाई देने पर उसे घेरने या भीड़ लगाने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना देने की अपील की गई है।
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एक माह में छह तेंदुए पिंजरे में हुए कैद
20 अगस्त: ककरहा रेंज के ढोढ़ेपुरवा में वयस्क नर तेंदुआ कैद।
13 अगस्त: हरदी के बाजपेयीपुरवा में मादा तेंदुआ पकड़ी गई।
11 अगस्त: मोतीपुर के दौलतपुर नई बस्ती में करीब सात वर्ष का नर तेंदुआ कैद।
4 अगस्त: सुजौली के त्रिलोकीगौढ़ी में करीब चार वर्ष का नर तेंदुआ पकड़ा गया।
31 जुलाई: ककराहा क्षेत्र में बकरी के शिकार के लिए लगाए पिंजरे में मादा तेंदुआ कैद।
20 जुलाई: अहिरनपुरवा में बुजुर्ग पर हमले के बाद पांच वर्षीय मादा तेंदुआ पकड़ी गई।
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