सुजौली के बाजारटोला में वन विभाग द्वारा पिंजरे में कैद तेंदुआ।
बिछिया। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के सुजौली रेंज अंतर्गत बाजार टोला में पिछले कई दिनों से आतंक का पर्याय बने तेंदुए को वन विभाग ने पिंजरे में कैद कर लिया। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। तेंदुआ आबादी में घुसकर अब तक तीन पालतू मवेशियों का शिकार कर चुका था।
ग्राम पंचायत सुजौली के बाजार टोला में तेंदुए की लगातार मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत थी। तेंदुआ घरों के आसपास दिख रहा था। वह पालतू मवेशियों को अपना शिकार बना रहा था। इसके बाद गांव निवासी अब्दुल हमीद, रशीद, आरिफा, शकील, रफीक, कामता और बसंत समेत ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की थी।
ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग के दरोगा अनिल कुमार और रामनरेश ने मौके पर पिंजरा लगाया। तीसरे दिन मंगलवार को तेंदुआ बकरी का शिकार करने के प्रयास में पिंजरे में फंस गया। इसकी जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए को सुरक्षित रेंज कार्यालय ले गई।
सुजौली वन क्षेत्राधिकारी नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर तेंदुए का मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद नियमानुसार उसे उपयुक्त वन क्षेत्र में छोड़ा जाएगा। तेंदुए के पकड़े जाने से बाजार टोला समेत आसपास के ग्रामीणों में राहत है।
चहलवा गांव में तेंदुए की दहशत, लगाया पिंजरा
कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के चहलवा गांव में लगातार मवेशियों पर हमले के बाद वन विभाग ने तेंदुए की निगरानी और धरपकड़ के लिए मंगलवार को पिंजरा लगाया है। ग्रामीणों ने कई दिनों से गांव और आसपास तेंदुए की चहलकदमी की शिकायत वन विभाग से की थी। इसके बाद वन क्षेत्राधिकारी आशीष गौड़ के निर्देश पर वन रक्षक कौशल किशोर ने गांव निवासी साजिद के खेत में पिंजरा स्थापित किया। वन विभाग की टीम आसपास के क्षेत्र में निगरानी भी कर रही है। तेंदुए के सक्रिय होने की आशंका से ग्रामीणों में भय बना हुआ है। विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और रात में अकेले बाहर न निकलने की अपील की है।