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Bahraich News: तमोलिनपुरवा में फिर आ धमका तेंदुआ, कुत्ते को बनाया निवाला

Mon, 20 Jan 2025 12:51 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
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सुजौली रेंज के रमपुरवा बनकटी में बाघ के हमले में वृद्ध की मौत के बाद जमा भीड़ व जांच करती पुलिस।
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ग्रामीणों ने गांव के आसपास छह से अधिक तेंदुओं के होने का किया दावा
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मिहींपुरवा/उर्रा (बहराइच)। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के ककरहा वन रेंज में बालिका की माैत के बाद एक तेदुआ पकड़ा गया था। इसके बाद भी हमले नहीं थमे हैं। शनिवार की रात तेंदुए ने एक पालतू कुत्ते को निवाला बनाया। इसके बाद से गांव में फिर से दहशत बढ़ गई है। ग्रामीण गांव के आसपास छह से अधिक तेंदुओं के मौजूद होने का दावा कर रहे हैं।

ककरहा रेंज के तमोलिनपुरवा में बुधवार शाम खेत में साग तोड़ते समय शालिनी (8) पर तेंदुए ने हमला कर दिया था। इसमें बालिका की माैत हो गई थी। इसके बाद वन विभाग ने पिंजरा लगाया था, जिसमें शनिवार की सुबह लगभग सात बजे एक नर तेंदुआ कैद हुआ था। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली थी, लेकिन शनिवार रात गांव के पास फिर तेंदुए ने दस्तक दी और एक पालतू कुत्ते को दबोच ले गया। इसके बाद से गांव में दहशत बढ़ गई है। ग्रामीणों ने बताया कि तीन से चार तेंदुए गांव के आसपास गन्ने के खेतों में देखे गए हैं। इससे कभी भी हमला होने की आशंका है। ग्रामीणों ने बताया कि बच्चों को शाम के समय घर से बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वन विभाग को सूचना देने के बाद भी न तो गश्ती हो रही है ओर न ही पिंजरा लगाया गया है। इससे पूरे गांव में आक्रोश है। ठोस कदम नहीं उठाया गया तो तेंदुआ यहां भी हमला कर सकता है।
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बाघ के हमले में दो वर्ष में सातवीं तो तीन माह में तीसरी मौत

मिहींपुरवा(बहराइच)। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में बाघों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इससे वन्यजीव प्रेमियों में खुशी की लहर है। पूर्व में हुई गणना में जहां कतर्नियाघाट में 59 बाघ थे तो वहीं एक बाघ को अभी हाल में यहां छोड़ा गया है।

बीते कुछ वर्षों से बाघ की गणना न होने से वन्यजीव प्रेमी बाघों की संख्या बढ़कर 80 के पार होने की संभावना जता रहे हैं। लेकिन बाघों की बढ़ती संख्या के साथ ही बाघ के हमले भी बीते कुछ दिनों में तेज हुए हैं। इससे जंगल से सटे गांंवों में दहशत का माहौल है।
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हमले का आलम यह है कि मात्र तीन माह के भीतर ही बाघ तीन लोगों को अपना शिकार बना चुक हैं। जबकि दो सालों के भीतर सात लोगों की मौत बाघ के हमले में हुई है।



एक नजर

26 फरवरी 2023 को कतर्नियाघाट रेंज के भरथापुर निवासी छोटेलाल की मौत

11 अप्रैल 2023 को मोतीपुर वन रेंज के ग्राम हंसुलिया निवासी रत्ती देवी की मौत

9 जून 2023 को कतर्नियाघाट वन रेंज के आंबा निवासी महफूज की मौत

22 जून 2023 को ककरहा रेंज के उर्रा कल्लूपुरवा निवासी विनीता देवी की मौत

21 अक्तूबर 2024 को सुजौली वन रेंज के सुजौली त्रिलोकीगौढी निवासी रत्तीराम की मौत

4 जनवरी 2025 को कतर्नियाघाट वन रेंज के मंझरा बीट में लखीमपुर खीरी जिले के दुमेडा गांव निवासी परशुराम की मौत

18 जनवरी 2025 को सुजौली वन रेंज के रमपुरवा वनकटी निवासी शिवधर चौहान की मौत
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