तेंदुए के हमले में घायल बालिका लाडो।
नानपारा/मटेरा। नानपारा रेंज के बघौली जंगल से सटे खटकन पुरवा गांव में रविवार शाम आंगन में खेल रही तीन साल की बच्ची पर तेंदुए ने हमला कर दिया। उसे जबड़े में दबोचकर भाग निकला। बच्ची की चीख सुनकर परिजन और ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर तेंदुए के पीछे शोर मचाते हुए दौड़े तो वह करीब 200 मीटर दूर खेत के पास झाड़ियों में बच्ची को छोड़कर जंगल की ओर भाग निकला। हमले में गंभीर रूप से जख्मी बच्ची को लखनऊ रेफर किया गया है।
गांव निवासी लाडो (3) रोज की तरह रविवार शाम करीब साढ़े सात बजे घर के आंगन में खेल रही थी। इसी दौरान कम रोशनी का फायदा उठाकर तेंदुआ घर में घुस आया और उसने बच्ची को जबड़े में दबोच लिया। बालिका की चीख सुनकर परिजन दौड़े तो तेंदुआ बच्ची को लेकर भागने लगा। परिजनों के शोर मचाने पर ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए और सभी ने मिलकर तेंदुए का पीछा किया। ग्रामीणों को पीछे आते देखकर व शोर से हड़बड़ाकर तेंदुआ बच्ची को खेलावन के खेत के पास बांध किनारे छोड़कर भाग गया। ग्रामीणों ने घेराबंदी कर उसकी तलाश की, लेकिन पता नहीं चला।
हमले में बच्ची के गले, पेट और पसली में गहरे जख्म हो गए। वन विभाग को सूचना देने के बाद परिजन बच्ची को सीएचसी नानपारा ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। बच्ची की बुआ विजमा देवी के अनुसार, जिला अस्पताल से चिकित्सकों ने लाडो को लखनऊ रेफर कर दिया है।
वन क्षेत्राधिकारी पीयूष गुप्ता ने बताया कि वनरक्षक रामानंद मिश्रा की अगुवाई में टीम को मौके पर भेजा गया है। जंगल से सटे होने के कारण जंगली जानवरों के गांव की ओर आने की आशंका रहती है। ग्रामीणों को सतर्क किया जा रहा है और तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की अनुमति मांगी गई है।