मिहींपुरवा(बहराइच)। थाना कोतवाली मुर्तिहा के धरमपुर गांव में लगातार तेंदुए की आमद से लोगों में दहशत का माहौल है। यहां पर तेंदुआ ने बीती 29 सितंबर को एक किसान पर हमलाकर मौत के घाट उतार दिया था। इसके बाद वन विभाग के लगाए गए पिंजरे में एक तेंदुए को कैद कर लिया था। इसके बाद वन विभाग चैन की नींद सो गया है, लेकिन धरमपुर के ग्रामीणों ने बताया कि अभी भी गन्ने के खेत में की तेंदुआ मौजूद है। जिससे ग्रामीणों में काफी दहशत है।
कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के ककरहा वन रेंज के ग्राम धरमपुर के मजरा मैकूपुरवा गोकुलपुर तथा ग्राम बेझा में लगभग रोज कई तेंदुआ खेतों में देखे जा रहे हैं। इन गांव के बच्चे शाम होते ही घरों में कैद हो जाते है। वहीं किसान अपनी फसलों की रखवाली के लिए खेत नहीं जा पा रहे हैं। गांव वाले वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग कर रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बाद भी वन विभाग के लोग नहीं आते हैं और न ही वन विभाग की ओर से गश्त की जाती है। धरमपुर की महिला क्षेत्र पंचायत सदस्य मुन्नी देवी ने बताया कि गांव के किनारे गन्ने के खेत में दो शावकों के साथ एक तेंदुआ मौजूद है, जो लगातार गांव की तरफ आ रहा है। अगर शीघ्र इसे पकड़ा नहीं गया तो कभी भी कोई घटना हो सकती है। वहीं अन्य ग्रामीणों ने बताया कि काफी संख्या में तेंदुए सड़क पर घूमते दिखाई दे रहे हैं जिन्हें पकड़ना बहुत जरूरी है।