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गोलहना गांव में फिर पहुंचा तेंदुआ

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उर्रा (बहराइच)। गोलहना गांव में दो दिन से एक तेंदुआ पुन: आ रहा है। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंचे वनकर्मियों ने तेंदुआ आने की पुष्टि की। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर तेंदुए को पकड़ने के लिए गांव में पिंजड़ा लगाया गया है। मालूम हो कि गोलहना गांव से दो तेंदुए पकड़े जा चुके हैं, जबकि तेंदुए के हमले में एक बालिका की मौत भी हो चुकी है।
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कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के मुर्तिहा रेंज अंतर्गत गोलहना गांव में 15 दिनों से तेंदुए की आमद काफी बढ़ गई है। बीते दिनों गांव निवासी पांच वर्षीय मासूम श्रेया को तेंदुए ने मार डाला था। इस पर ग्रामीणों ने संघर्ष करते हुए तोड़फोड़ की थी। वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजड़ा लगाया था। गांव में लगे पिंजड़े में दो तेंदुए कैद हो चुके हैं। सोमवार को गांव निवासी विजय बहादुर के घर के पास और सोहनलाल पाल के खेत में तेंदुए को देखा गया। इसकी सूचना ग्रामीणों ने रेंज कार्यालय पर दी। वन दरोगा इशरार अहमद, वाचर निवास के साथ पहुंचे। वनकर्मियों ने मौके पर मुआयना कर तेंदुए के आने की पुष्टि हुई। सूचना वन क्षेत्राधिकारी को दी। वन क्षेत्राधिकारी एके त्यागी ने डीएफओ यशवंत सिंह को मामले से अवगत कराया। डीएफओ ने गांव में पुन: पिंजड़ा लगाने के निर्देश दिए। डीएफओ के निर्देश पर गोलहना गांव में तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजड़ा लगाया गया है। गांव निवासी विजय बहादुर मौर्य, कमलेश, प्रेमचंद, संतोष और दिनेश कुमार ने बताया कि पुन: तेंदुआ की आमद होने से ग्रामीण दहशत में हैं।
15 दिन में पकड़े जा चुके हैं दो तेंदुए
मुर्तिहा रेंज के गोलहना गांव में 18 नवंबर को तेंदुए के हमले में बालिका की मौत हो गई थी। बवाल के बाद वन विभाग ने पिंजड़ा लगाया, जिसमें 20 नवंबर को रात डेढ़ बजे तीन वर्षीय तेंदुआ कैद हुआ। उसे कतर्निया जंगल में छोड़ दिया गया। जबकि 26 नवंबर को सात वर्षीय मादा तेंदुआ पिंजड़ा में कैद हुआ। उसे लखनऊ चिड़ियाघर भेज दिया गया।
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