फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bahraich News: एक ही दिन में तेंदुए ने तीन को किया घायल, ग्रामीणों में दहशत

Tue, 04 Apr 2023 11:20 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
विज्ञापन
विज्ञापन
मिहींपुरवा(बहराइच)। कतर्नियाघाट वन रेंज में तेंदुए के हमले की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। मंगलवार को तेंदुए ने खेत में काम कर रही महिला समेत दो किसानों पर हमला कर उन्हें जख्मी कर दिया। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के निशानगाड़ा रेंज स्थित मटेही गांव के राणा फार्म मटेही पर मंगलवार की सुबह थारु महिला राजकुमारी(53) गेेहूं की देखभाल कर रही थी। इसी दौरान जंगल से निकले एक तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया। तेंदुए ने महिला का हाथ दबोच लिया और उंगलियां चबा डाली। महिला ने शोर मचाया और तेंदुए से भिड़ गयी। महिला का संघर्ष देख तेंदुुआ खेतों में भाग गया। हमले के कुछ देर बाद ही तेंदुए ने खेत की रखवाली कर रहे किसान विजय प्रताप(43) पर हमला बोल दिया। विजय प्रताप भी शोर मचाते हुए तेंदुए से भिड़ गया।
विज्ञापन

वहीं विजय का शोर सुन अन्य ग्रामीण भी आ गए और हांका लगाने लगे। इसके बाद तेंदुए ने आजमगढ़ पुरवा में खेत की रखवाली कर रहे किसान दलविंदर सिंह(50) पर हमला कर दिया। दलविंदर भी तेंदुए से भिड़ गया और कई मिनटों तक तेंदुए के साथ संघर्ष करता रहा। बाद में तेंदुआ फिर खेतों में भाग गया। तेंदुए के हमले में दलविंदर गंभीर रुप से घायल हो गये। तेंदुए ने उसके गले, कंधे और सीने को गंभीर रुप से जख्मी कर दिया।
ग्रामीणों ने घायलों को पीएचसी सुजौली लेकर पहुंचे। जहां दलविंदर की हालत खराब देख चिकित्सकों ने उसे सीएचसी मोतीपुर रेफर कर दिया। वहीं सूचना पर वनरक्षक कौशल किशोर, वाचसर रमेश कुमार, पंकज यादव भी मौके पर पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना।
विज्ञापन


अभी भी खेत में छिपा है तेंदुआ, ग्रामीणों की बढ़ी धुकधुकी
निशानगाड़ा रेंज में एक ही दिन कुछ घंटों में तीन लोगों को घायल करने के बाद तेंदुआ अभी भी खेतों में छिपा है। ग्रामीण शशिकांत, हरिकेश चौबे, मलकीत सिंह, गुरुवंत सिंह आदि ने बताया कि तेंदुआ अभी भी गांव की ओर कहीं खेत में छिपा है। जो किसी भी समय अप्रिय घटना को अंजाम दे सकता है। बचाव के लिए सभी ग्रामीण हाथों में लाठी9डंडा लेकर गिरोह में चल रहे हैं।

तेंदुए ने महिला समेत तीन लोगों को घायल किया है। घायलों को त्वरित मदद के रुप में 5000-5000 हजार की आर्थिक मदद की गयी है। ग्रामीणों से अपील की गयी है, कि जंगल की ओर जाने से बचें।
विज्ञापन

आकाशदीप बधावन, डीएफओ कतर्नियाघाट
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें