धर्मापुर रेंज में 13 जून को बालक को मार डाला था, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
संवाद न्यूज एजेंसी
मिहींपुरवा (बहराइच)। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के धर्मापुर वन रेंज के कई गांवों में उत्पात मचा रहा तेंदुआ शनिवार की रात पिंजरे में कैद हो गया। सुबह नित्यक्रिया को निकले ग्रामीणों ने गुर्राने की आवाज सुन इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना पर पहुंचे वन कर्मी तेंदुआ को अपने साथ ले गए। तेंदुए के पकड़े जाने से धर्मापुर व उसके आसपास के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के धर्मापुर रेंज के ग्राम पंचायत धर्मापुर निवासी शाहिद (06) को बीते 13 जून को तेंदुआ उठा ले गया था और खेत में उसे निवाला बनाया था। जिसके बाद से गांव में दहशत का माहौल था। वहीं इसके बाद कुछ अन्य किसानों पर भी हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। ग्रामीणों की सूचना के बाद वन विभाग की ओर से तेंदुआ को पकड़ने के लिए धर्मापुर के मजरा प्रधानपुरवा के पास पिंजरा लगाया गया था। जिसमें शनिवार की रात तेंदुआ फंस गया।
सुबह नित्य क्रिया के लिए निकले लोगों ने पिंजरे से गुर्राहट की आवाज सुनी तो पास गए। इस दौरान पिंजरे में एक तेंदुआ कैद मिला। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना पर धर्मापुर के प्रभारी रेंजर रत्नेश यादव, डिप्टी रेंजर सत्य प्रकाश वर्मा, वनरक्षक सुनील कुमार, वाचर राम सहारे, बरसाती लाल मौके पर पहुंचे। टीम तेंदुए को लेकर कतर्नियाघाट वन रेंज ले गए।
दो साल की मादा बताई जा रही कैद तेंदुआ
वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया तेंदुआ मादा लग रही है और इसकी उम्र लगभग दो साल है। तेंदुए के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए टीम बुलाई गई है। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद ही सही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर मादा तेंदुआ को ट्रांस गेरुआ के उस पार छोड़ा जा सकता है।
मई में एक बालिका व दो सगी बहने हो चुकी हैं घायल
धर्मापुर रेंज के धर्मापुर ग्राम पंचायत में तेंदुए के हमले बीते महीने से जारी हैं। एक मई को तेंदुए ने धर्मापुर जलिहा निवासी शमा (8) पर हमला कर उसे मार डाला था। वहीं इसके बाद 12 मई को धर्मापुर के जलिहा में दो सगी बहनों सना (3) व शमा (5) पर हमला कर घायल कर दिया था। जून में भी कुछ किसानों व मवेशियों पर हमला कर उन्हें घायल किया।