मंडल व पड़ोसी देश नेपाल के मरीजों को निशुल्क मिलेगी सुविधा, लखनऊ तक की दौड़भाग होगी खत्म
संवाद न्यूज एजेंसी
बहराइच। मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को एमआरआई जांच के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। जल्द ही यहां निशुल्क जांच शुरू हो जाएगी। जांच शुरू होने पर गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती व नेपाल के मरीजों को भी सुविधा मिलने लगेगी। मरीजों को लखनऊ या निजी अस्पतालों में नहीं जाना पड़ेगा।
जिला अस्पताल को पांच साल पहले मेडिकल कॉलेज का दर्जा प्रदान किया गया था। यहां जिले के अलावा आसपास के सभी जिलों व पड़ोसी देश नेपाल से भी बड़ी संख्या में मरीज इलाज कराने पहुंचते हैं। स्वास्थ्य विभाग की मानें तो प्रतिदिन लगभग दो से ढाई हजार मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। इसमें कई मरीजों को एमआरआई जांच कराने की जरूरत पड़ती है। डॉक्टर मरीजों को निजी अस्पताल या फिर लखनऊ रेफर कर देते हैं। जिससे लखनऊ तक पहुंचने में अधिक समय लग जाने के कारण समय से इलाज नहीं शुरू हो पाता है। वहीं दौड़भाग अधिक होने के साथ ही समय ज्यादा लगता है। इसकी वजह से इलाज में देरी होती है। इस समस्या को देखते हुए प्राचार्य ने एमआरआई जांच शुरू करने के लिए शासन स्तर से मांग की थी। जिस पर शासन ने मुहर लगा दी है। मेडिकल कॉलेज में जांच शुरू होने पर मरीजों का समय से इलाज होने के साथ ही लखनऊ नहीं जाना पड़ेगा।
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25 जून को डिप्टी सीएम कर सकते हैं सीटी स्कैन मशीन का उद्घाटन
मेडिकल कॉलेज में कुछ महीने पहले सीटी स्कैन मशीन स्थापित की गई है। लेकिन किन्हीं कारणों से जरूरतमंदों को इसकी सुविधा नहीं मिल पा रही है। जिससे इलाज कराने आने वाले मरीजों को बाहर से ये जांच करानी पड़ रही है। लेकिन मरीजों को इस समस्या से निजात मिल जाएगी। अस्पताल प्रबंधक रिजवान ने बताया कि 25 जून को प्रदेश के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक वर्चुअली माध्यम से सीटी स्केन का उद्घाटन करेंगे। इसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। यहां एमआरआई जांच की व्यवस्था नहीं है। अब जल्द ही शुरू हो जाएगी। इससे मरीजों को निशुल्क सुविधा मिलेगी। -डॉ. प्रो. संजय खत्री, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज