बिछिया। हरैया गांव में सोमवार रात तेंदुए के शावक के घर में घुसने से अफरा-तफरी मच गई। वन विभाग की टीम ने करीब 12 घंटे चले अभियान के बाद मंगलवार शाम शावक को ट्रैंकुलाइज कर सुरक्षित पकड़ लिया। उसे पिंजरे में बंद कर सुरक्षित निशानगाड़ा रेंज कार्यालय ले जाया गया।
हरैया गांव निवासी जगतराम के घर में सोमवार रात 11 बजे के आसपास एक मादा तेंदुआ अपने शावक के साथ शिकार की तलाश में घुस गई। ग्रामीणों के हांका लगाने पर मादा तेंदुआ तो भाग निकली, लेकिन उसका करीब आठ माह का शावक घर के अंदर रह गया।
भोर तीन बजे घरवालों को इसकी भनक तब लगी, जब जगतराम की बहू विनीता ने चारपाई के नीचे से गुर्राने की आवाज सुनी। टॉर्च की रोशनी डाली गई तो चारपाई के नीचे तेंदुए का शावक दुबका बैठा मिला। यह देख परिजन घर से बाहर भागे और शोर मचाया। थोड़ी ही देर में मौके पर भारी भीड़ जुट गई।
टीम के साथ पहुंचे वन क्षेत्राधिकारी सुरेंद्र श्रीवास्तव ने मंगलवार सुबह छह बजे से रेस्क्यू अभियान शुरू किया। ग्रामीणों की मदद से कमरे को चारों ओर से घेरकर पिंजरा लगाया गया।
रेस्क्यू में वन विभाग की टीम के साथ डब्ल्यूडब्ल्यूएफ, डब्ल्यूटीआई और गजमित्रों की टीमें भी जुटीं। दोपहर तीन बजे डीएफओ सूरज कुमार और पशु चिकित्सक डॉ. दीपक वर्मा भी पहुंचे।
पहले शावक को बिना ट्रैंकुलाइज किए पिंजरे में कैद करने की योजना बनी, लेकिन उसकी उम्र और आक्रामक व्यवहार को देखते हुए शाम करीब छह बजे ट्रेंकुलाइज करने का निर्णय लिया गया।
डॉ. दीपक वर्मा ने ट्रेंकुलाइज करने के बाद शावक को पिंजरे में सुरक्षित बंद कर लिया, इसके बाद वन विभाग की ट्रॉली से उसे रेंज कार्यालय ले जाया गया। डीएफओ सूरज कुमार ने बताया कि शावक को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर आगे की कार्यवाही तय की जाएगी।
शावक की तलाश में फिर गांव आ सकती है तेंदुआ
गांव के लोगों का कहना है कि शावक के पकड़े जाने के बाद मादा तेंदुआ अपने बच्चे की तलाश में दोबारा गांव में आ सकती है। यह सोचकर सभी दहशत में हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से इलाके में गश्त बढ़ाने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।
दो बकरियों का किया शिकार
गांव निवासी जगतराम थारू के घर में सोमवार रात शावकों के साथ घुसी मादा तेंदुआ ने मवेशियों के अहाते में घुसकर दो बकरियों पर हमला कर उन्हें मार दिया था। इससे गांव के अन्य ग्रामीण भी अपने मवेशियों और परिवार को लेकर चिंतित हैं।