उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर मंगलवार से जिले के लेखपाल हड़ताल पर चले गए। उन्होंने कलेक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन किया। लेखपालों ने मांगें पूरा नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने की घोषणा की है। हड़ताल के कारण तहसीलों में आय, जाति एवं निवास प्रमाण, खसरा-खतौनी व अन्य कार्यों के लिए पहुंचे लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
जनपद की महसी, सदर, नानपारा, कैसरगंज और पयागपुर तहसील के लेखपाल मंगलवार सुबह कलेक्ट्रेट में एकत्र हुए। उन्होंने शाम तक अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन दिया। संघ के जिलाध्यक्ष जयराज सिंह ने कहा कि 16 अगस्त से मांगों को लेकर काली पट्टी बांधकर लेखपाल विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।
सरकार ने उनकी एक भी मांग पूरी नहीं की है। पद नाम राजस्व उपनिरीक्षक करने, एसीपी की विसंगति को दूर करने, वेतनमान 5200-20200 व ग्रेड पे 2800 करने, स्थानांतरण नीति में संशोधन, पेंशन देने, ई-डिस्ट्रिक्ट व आईजीआरएस की ऑनलाइन सेवाओं के लिए लैपटाप प्रदान करने आदि की मांग की जा रही है।
जिला मंत्री त्रियुगी नारायण ने कहा कि लेखपालों की हड़ताल 29 अगस्त तक जारी रहेगी। प्रदर्शन के बाद लेखपालों ने नगर मजिस्ट्रेट महेंद्र सिंह को मांगों का ज्ञापन सौंपा। इस दौरान राज किशोर शुक्ला, परमात्मादीन, दिनेश त्रिपाठी, संतोष श्रीवास्तव, त्रिमोहन त्रिपाठी, सूर्य नरायण समेत कई लेखपाल मौजूद रहे।
दूसरी तरफ बहुत से लोगों को परेशानी हुई। आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र बनवाने वालों के साथ खसरा-खतौनी व अन्य राजस्व कार्यों के लिए तहसील पहुंचे बहुत से लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा।