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मेडिकल कॉलेज निर्माण में खुलने लगीं धांधली की परतें

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बहराइच। राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज के निर्माण में हुई धांधली की परतें खुलनी शुरू हो गई हैं। लखनऊ निवासी आरटीआई एक्टिविस्ट नूतन ठाकुर की शिकायत पर शासन ने संज्ञान लिया है। उन्होंने लोकायुक्त से भी इसकी शिकायत की। लोकायुक्त से शिकायत पर चार लोगों पर गाज गिरी है, जिसमें 14.5 करोड़ रुपये घोटाले की पुष्टि धीरे-धीरे होने लगी है।
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बहराइच में स्थित राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज के निर्माण को वर्ष 2016-17 में मंजूरी मिली थी। शासन ने मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए कुल 189 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया था। मेडिकल कॉलेज निर्माण का काम मेसर्स यूनिवर्सल कांट्रेक्टर एंड इंजीनियर प्राइवेट लिमिटेड को बैक टू बैक वर्क के रूप में दिया गया था। लखनऊ की निवासी अधिवक्ता व आरटीआई एक्टिविस्ट नूतन ठाकुर ने मुख्यमंत्री से की गई शिकायत में कहा है कि निर्माण निगम के अफसरों ने एक जून 2018 से 16 नवंबर 2018 के बीच सामान खरीद के नाम पर कुल 14.5 करोड़ का भुगतान अनियमित रूप से सीधे ठेकेदार के पक्ष में कर दिया गया। जबकि मेडिकल कॉलेज में सामान खरीद के कोई साक्ष्य ही मौजूद नहीं हैं।
एक्टिविस्ट की शिकायत पर ठेकेदार मेसर्स यूनिवर्सल ने भी लिख कर बताया है कि उन्होंने निगम को सामान खरीद के लिए कोई सहमति नहीं दी थी। उनके फर्जी हस्ताक्षर बनाकर उनके अनुबंध डेबिट की गई है। अधिवक्ता का कहना है कि इसके बाद भी निर्माण निगम के एमडी यूके गहलोत ने मात्र उप अभियंता सिविल राम आधार सिंह यादव को विभागीय कार्रवाई के लिए संस्तुति की। इस पर आरटीआई एक्टिविस्ट ने 31 अगस्त को लोकायुक्त से शिकायत की। लोकायुक्त से शिकायत के बाद कार्रवाई शुरू हुई। इस मामले में चार लोगों को निलंबित कर दिया गया। प्राचार्य डॉ. अनिल के साहनी ने बताया कि निर्माण कार्य पर 1.35 अरब रुपये व इंफ्रास्ट्रक्चर पर 54 करोड़ रुपये खर्च होना था। अधिवक्ता की शिकायत पर शासन ने पूरे बजट का ऑडिट कराया तो 14.5 करोड़ रुपये का भुगतान संदिग्ध लगा। मालूम हो कि लगभग तीन माह पूर्व शासन की ओर से जांच टीम जिला मुख्यालय भेजी गई थी। लेकिन शासन द्वारा आई टीम की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस पर एक्टिविस्ट ने लोकायुक्त से शिकायत की, जिस पर अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है।
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इन पर हुई कार्रवाई
शासन ने हेराफेरी, कूटरचित कार्य करने पर प्रोजेक्ट मैनेजर गिरीशचंद्र चतुर्वेदी, एचपी भट्ट, डीके सिंह व आरएस यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
केस दर्ज कर हो विभागीय कार्रवाई
लखनऊ निवासी अधिवक्ता व एक्टिविस्ट नूतन ठाकुर ने लोकायुक्त को शिकायती पत्र भेजकर कहा है कि 14.5 करोड़ का घोटाला दर्शाता है कि अधिकारियों ने जमकर लूट मचायी है। ऐसे में जांच आख्या के निष्कर्ष के आधार पर अफसरों के खिलाफ कार्रवाई हो। उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
शासन से आयी थी टीम
मुख्यमंत्री का दौरा जब मेडिकल कॉलेज में हुआ था। तभी जांच टीम आई थी। शासन की जांच टीम गोपनीय आती है। इस बारे में वह जांच करके वापस चली गई। जांच रिपोर्ट वहीं लखनऊ में अधिकारियों ने दी होगी। उन्हें इस मामले में कोई जानकारी नहीं है।
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डॉ. अनिल के साहनी, प्राचार्य
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