नानपारा में ग्राम न्यायालय की स्थापना को शासन ने हरी झंडी दी है। लेकिन जिला स्तर पर वकील विरोध कर रहे हैं। रविवार को दीवानी कचहरी के न्यायिक अधिकारियों की टीम तहसील प्रशासन द्वारा नानपारा तहसील मुख्यालय पर प्रस्तावित तहसील भवन का मुआयना करने पहुंची। मुआयना के दौरान टीम ने भवन के काफी पुराना होने की बात कही।
इसकी सूचना मिलने पर नानपारा तहसील के वकील भड़क उठे। वकीलों ने हर हालत में ग्राम न्यायालय की स्थापना की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने जिला जज, जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र भी भेजा है।
रविवार सुबह दीवानी कचहरी के न्यायिक अधिकारियों की टीम नानपारा पहुंची।
टीम ने प्रस्तावित तहसील भवन का मुआयना किया। इस दौरान टीम ने प्रस्तावित भवन के काफी पुराना होने की बात कही। इसकी सूचना जब नानपारा तहसील क्षेत्र के वकीलों को मिली तो सभी भड़क उठे। तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चतुर्भुज सहाय की अगुवाई में वकील प्रस्तावित ग्राम न्यायालय भवन पर पहुंच गए।
नारेबाजी करते हुए वकीलों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। अध्यक्ष चतुर्भुज सहाय ने कहा कि न्यायिक अधिकारियों की टीम द्वारा भवन को पुराना होने की बात कही गई है। लग रहा है कि भवन के बहाने ग्राम न्यायालय की स्थापना में पेंच फंसाने की कोशिश हो रही है, इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सामाजिक संगठनों ने दिया समर्थन
प्रदर्शन के दौरान युवा व्यापार मंडल, जन कल्याण संस्थान और भारत विकास परिषद के पदाधिकारियों ने भी मौके पर पहुंचकर ग्राम न्यायालय की स्थापना को लेकर आंदोलित वकीलों को समर्थन दिया। बोले कि न्यायालय की स्थापना के लिए हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा।
पैसे की कमी पूरी करेगा संघ
तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा कि भवन पुराना जरूर है, लेकिन काफी मजबूत है। एसोसिएशन के प्रार्थना पत्र पर नगर पालिका परिषद ने भवन की साफ सफाई करवाई है। अगर भवन की मरम्मत में पैसे की कमी आ रही है तो तहसील बार एसोसिएशन पैसे की कमी पूरा करेगा।