बहराइच। शहर के हरिनगर हमजापूरा स्थित राम जानकी मंदिर में रविवार को अखिल भारतीय साहित्य परिषद अवध ने शोक सभा का आयोजन किया। मुख्य अतिथि कवि डॉ. अशोक पांडेय गुलशन व विशिष्ट अतिथि डॉ. वेद मित्र शुक्ल मयंक रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रताप नारायण पाठक व संचालन प्रांतीय उपाध्यक्ष गुलाब जायसवाल ने किया। प्रताप नारायण पाठक ने कहा कि भारतीय संस्कृति के ध्वजवाहक सनातन संस्कृति के प्रतीक तिलक, शिखा और रामनामी गमछे को स्वर्गीय गुलाबचंद्र शुक्ला हमेशा धारण किए रहते थे।
डॉ. गुलशन ने कहा कि वे राजनीतिक जीवन के अंतर्गत कार्यकर्ताओं के लिए पिता की भूमिका में सदैव अग्रणी होकर उनकी बातों व विचारों का प्रतिनिधित्व करते रहे। प्रांतीय उपाध्यक्ष ने कहा कि स्वर्गीय गुलाबचंद्र शुक्ला में आदर्श स्वयंसेवक के सभी गुण विद्यमान थे। अंत में सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। इस दौरान राधा कृष्ण पाठक, अयोध्या प्रसाद शर्मा नवीन, सुनील, विनोद कुमार पांडेय, सुभाषित श्रीवास्तव, रवि पाठक गुलशन, आशुतोष पांडेय, दिनेश कुमार पांडेय, अर्पण शुक्ला आअदि मौजूद रहे।