बहराइच। सैयद सालार मसऊद गाजी की दरगाह पर चल रहे जेठ मेले की अंतिम चौथी पर रविवार को सुबह से जियारत के लिए आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। मजार शरीफ पर मन्नतें मांगते हुए अकीदतमंदों ने जियारत की। अंतिम चौथी होने के चलते जायरीन की भारी भीड़ उमड़ी।
सैयद सालार मसऊद गाजी की दरगाह पर जेठ मेले की अंतिम चौथी पर रविवार सुबह जंजीरी गेट चूमते हुए नाल दरवाजे से अकीदतमंदों ने मजार शरीफ पर पहुंचकर हाजिरी लगाई। इस दौरान गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, बलिया, बस्ती, आजमगढ़, देवरिया, बिहार, मध्यप्रदेश, नेपाल, मुंबई से आए जायरीन ने गाजी की शान में कसीदे पढ़ते हुए मजार शरीफ पर चादरपोशी की।
दरगाह शरीफ के पूर्वी गेट से निशान लिए हुए अकीदतमंदों ने मजार शरीफ पहुंचकर हाजिरी लगाई। ज्यादातर जायरीन ने मजार शरीफ के गुंबद पर कौड़िया फेंककर मन्नतें मांगीं। सुबह शुरू हुआ जियारत का सिलसिला देर रात तक चला।
इसके साथ ही मेले में खरीदारी के लिए भी रह-रहकर जायरीन का रेला उमड़ता रहा। सर्कस, झूला व मौत का कुआं देखने के लिए भी हुजूम उमड़ा। दरगाह मेले से अनारकली पहुंचकर काफी संख्या में अकीदतमंदों ने परंपरागत तरीके से स्नान कर जियारत की। दरगाह प्रबंध समिति के अध्यक्ष शमशाद अहमद ने बताया कि शांति पूर्ण तरीके से अंतिम चौथी का कार्यक्रम निपटा।
अंतिम चौथी पर उमड़ी जायरीन की भीड़ में सुरक्षा के बावजूद उचक्के सक्रिय रहे। जंजीरी गेट, निशान गेट, नाल दरवाजा और मनोरंजन स्थलों पर जमकर लोगों की जेब साफ हुई। 13 लोगों ने दरगाह शरीफ प्रबंध समिति कार्यालय में जेब कटने के बाद घर पहुंचने का खर्च प्राप्त करने के लिए प्रार्थनापत्र दिया।