बहराइच। घाघरा नदी में 29 अक्तूबर की रात हुए नाव हादसे के आठ दिन बाद भी लापता चार लोगों का कोई सुराग नहीं मिल सका है। बुधवार सुबह घने कोहरे के बीच एक बार फिर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की संयुक्त टीमों ने कौड़ियाला व घाघरा नदी में सर्च ऑपरेशन शुरू किया, लेकिन पूरे दिन की मशक्कत के बाद भी कोई सफलता हाथ नहीं लगी।
नाव हादसे में कुल 22 लोग सवार थे, जिनमें से 13 को उसी रात सुरक्षित बचा लिया गया था। एक महिला का शव हादसे के दिन ही बरामद हुआ था। इसके बाद रविवार को दो शव और मंगलवार को दो बच्चों शिवम और कोमल के शव नदी से मिले थे। बावजूद इसके अभी भी चार लोग लापता हैं, इनमें ओमप्रकाश (7), नीशू उर्फ मीनू (5), सुहानी (5) और नाविक मिहींलाल (40) शामिल हैं।
एनडीआरएफ टीम कमांडर प्रेम कुमार पासवान (डिप्टी कमांडेंट), धीरेंद्र सिंह, सभाजीत यादव, एसडीआरएफ टीम कमांडर सुशील कुमार, शहंशाह कटियार आदि नदी में सर्ज ऑपरेशन में जुटे रहे। उन्होंने बताया कि बुधवार सुबह रेस्क्यू टीमों ने सर्च ऑपरेशन का दायरा और बढ़ाया गया।
नदी के दोनों किनारों पर घटनास्थल से 50 से 60 किलोमीटर तक कॉम्बिंग की जा रही है। इस दौरान एसआई चंदन यादव, एसआई मंजेश, हेड कांस्टेबल अमित गुप्ता, ओमप्रकाश गुप्ता और संजीव कुमार मौजूद रहे।
टीमों ने गोताखोरों की मदद से नदी की गहराई तक खोजबीन की। चार लापता लोगों के बारे में जानकारी मिलने की आस में परिजन घटनास्थल पर डटे रहे, लेकिन निराशा ही हाथ लगी। शाम पांच बजे रेस्क्यू अभियान बंद कर दिया गया। सुजौली थानाध्यक्ष प्रकाश चंद्र शर्मा ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह 7 बजे से अभियान फिर शुरू होगा।