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कतर्नियाघाट सेंक्चुरी कल से खुलेगा

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बहराइच। कतर्नियाघाट सेंक्चुरी पहली नवंबर से पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा। अब सेंक्चुरी क्षेत्र में आसानी से जंगली जीवों को देखा जा सकेगा। इसके लिए वन विभाग के साथ वन निगम ने भी तैयारी पूरी कर ली है। कतर्नियाघाट जंगल में भ्रमण व ठहराव के लिए इस बार 65 वर्ष से ऊपर के पर्यटकों को प्रवेश नहीं मिलेगा। वहां ठहरने के लिए बने हट को वन निगम की ओर से प्रतिदिन सैनिटाइज कराया जाएगा। पर्यटक इसका खर्च वन निगम को देंगे।
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कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र 551 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। संरक्षित वन क्षेत्र कतर्नियाघाट, सुजौली, मुर्तिहा, निशानगाड़ा, मोतीपुर, ककरहा और धर्मापुर रेंज में विभक्त है। जंगल में बाघ, तेंदुआ, काकड़, सांभर, हाथी व चीतल समेत अन्य जंगली जीव विचरण करते हैं। इन्हें देखने के लिए देश के विभिन्न क्षेत्रों के साथ विदेशी पर्यटक भी आते हैं। इधर, लॉकडाउन के चलते कतर्नियाघाट भी पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया था जिससे पर्यटक जंगली जीवों को नहीं देख पा रहे थे।
अब कोरोना संक्रमण की रफ्तार थमी है। इसे देखते हुए शासन ने संरक्षित वन क्षेत्र को पर्यटकों के लिए खोलने के निर्देश दिए हैं। कतर्नियाघाट के एसडीओ यशवंत सिंह ने बताया कि पहली नवंबर से कतर्नियाघाट पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा। पर्यटक अब आसानी से जंगल के मनोरम दृश्य देख सकेंगे। जंगली जीवों को भी करीब से देख सकेंगे।
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उप प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि इस बार जंगल में 65 वर्ष से ऊपर के लोगों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। 65 वर्ष से नीचे के लोग जंगल में ठहर सकेंगे। इसके साथ ही प्रतिदिन पर्यटकों के ठहरने के लिए बने हट को वन निगम की ओर से सैनिटाइज कराया जाएगा। पर्यटक मास्क लगाकर ही प्रवेश पा सकेंगे। इससे कोरोना संक्रमण को फैलने से रोका जा सकेगा।
उप प्रभागीय वनाधिकारी यशवंत सिंह ने बताया कि जंगल में 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। इसकी जानकारी पर्यटकों को दी जाएगी। उन्होंने कहा कि 10 वर्ष से ऊपर व 65 वर्ष से कम उम्र के लोगों को ही ठहरने की अनुमति होगी।
उप प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि पहले एक हट में चार यात्री ठहरते थे लेकिन इस बार महज दो यात्री ही ठहर सकेंगे। इसके साथ ही वन निगम द्वारा प्रतिदिन हट को सैनिटाइज कराया जाएगा जिसका खर्च पर्यटक स्वयं अदा करेंगे।
डीएफओ अनिल पटेल ने बताया कि कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र पहली नवंबर से पर्यटकों के लिए खोला जा रहा है। इसमें टहलने व ठहरने के लिए इस बार काफी बदलाव शासन द्वारा किया गया है। इसका पालन सभी पर्यटकों को करना होगा। पर्यटक नियमानुसार जंगल का भ्रमण आसानी से कर सकेंगे। कोविड-19 के सभी नियमों का पालन वन विभाग द्वारा कराया जाएगा जिससे कोरोना संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। जंगली जीवों की भी सुरक्षा हो सके।
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