बहराइच। कैसरगंज के तहसीलदार पर न्यायालयीय आदेश के अनुपालन में लापरवाही भारी पड़ गई। बृहस्पतिवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने तहसीलदार मीना गौड़ पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
यह कार्रवाई जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान की गई। कैसरगंज क्षेत्र के याचिका दाखिल करने वालों ने लखनऊ खंडपीठ में याचिका दायर कर ग्रामसभा की जमीन से अतिक्रमण हटाने तथा पात्र भूमिहीन परिवारों को पट्टा प्रदान किए जाने की मांग की थी। मामले की सुनवाई जस्टिस जसप्रीत सिंह की अदालत में हुई थी।
न्यायालय ने 15 जुलाई 2025 को संबंधित प्रकरण में आदेश पारित किया था, जिसमें प्रशासन को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के आदेश दिए थे। आरोप है कि तहसीलदार कैसरगंज मीना गौड़ ने न्यायालय के आदेश का समयबद्ध पालन नहीं किया।
बृहस्पतिवार को जब मामले की फिर सुनवाई हुई, तो न्यायालय ने पाया कि पूर्व में पारित आदेश के अनुपालन में अनावश्यक विलंब किया गया है। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए न्यायाधीश ने तहसीलदार पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया, आदेश दिया कि यह राशि उनके वेतन से वसूल कर जमा कराई जाए।
इसके साथ ही न्यायालय ने याचिका दाखिल करने वालों के पट्टा संबंधी दावों पर विधि अनुसार निर्धारित समय सीमा के भीतर निर्णय लेने के आदेश भी दिए। इस आदेश के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है।