बहराइच। दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में किसानों को समृद्ध बनाने के लिए जिले में माइक्रो कामधेनु योजना का शुभारंभ हो गया है। एक इकाई में 25 गाय अथवा भैंस होंगी।
योजना के कुल लक्ष्य का 20 फीसदी अल्पसंख्यकों को लाभ दिया जाएगा। पशुपालन विभाग ने इच्छुक लोगों से आवेदन मांगे हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि पांच सितंबर है।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ अरुण कुमार आर्य ने बताया कि ब्याज मुक्त माइक्रो कामधेनु डेयरी योजना के तहत 25 दुधारू (गाय/भैंस) के लिए प्रोजेक्ट की कुल अनुमानित लागत 26 लाख 99 हजार है।
इसमें 25 प्रतिशत 6 लाख 74 हजार 750 लाभार्थी अंश तथा शेष 75 प्रतिशत अर्थात 20 लाख 24 हजार 250 रुपये बैंक ऋण के रूप में होगा।
बैंक ऋण पर 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से या बैंक द्वारा निर्धारित ब्याज की दर की प्रतिपूर्ति विभाग द्वारा की जाएगी। उन्होंने बताया कि योजनांतर्गत साहीवाल, संकर जर्सी एवं संकर एचएफ गाय व मुर्रा नस्ल की भैंस का क्रय किया जाना है।
पशुओं का क्रय प्रदेश के बाहर पंजाब, हरियाणा एवं राजस्थान से किया जाएगा। लाभार्थी के पास शेड निर्माण के अतिरिक्त कम से कम 0.50 एकड़ भूमि का होना आवश्यक है।