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जेई भी हड़ताल पर, बिजली का हाे सकता संकट

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बहराइच। पीएफ घोटाले के विरोध में पावर कॉर्पोरेशन के कर्मचारियों के साथ ही जूनियर इंजीनियरों ने भी बुधवार से हड़ताल शुरू कर दी है। अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर बुधवार से चार दिवसीय धरना-प्रदर्शन शुरू किया गया है। इस दौरान सभी ने कार्य बहिष्कार कर घोटाले में सरकार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
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चार दिन में कार्रवाई नहीं होने पर अभियंताओं ने जिले में बिजली आपूर्ति के काम से हाथ खींचने की चेतावनी भी दी है। इससे जिले की विद्युत आपूर्ति ठप होने की आशंका बढ़ गई है। उधर कर्मचारियों की हड़ताल को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर अधिकारियों को अलर्ट जारी कर दिया है।
राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन के अध्यक्ष संजय कुमार की अगुवाई में जनपद के सभी अवर अभियंता बुधवार को अस्पताल चौराहा स्थित अधीक्षण अभियंता के कार्यालय पर एकत्र हुए। यहां सभी ने पीएफ घोटाले के विरोध में सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुये सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
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धरने को संबोधित करते हुए संगठन अध्यक्ष संजय कुमार ने कहा कि पीएफ घोटाले का खुलासा होने के बाद भी सरकार में बैठे जिम्मेदार चुप्पी साधे हैं। उन्होंने कहा कि इस महाघोटाले में सरकार की सुस्त कार्यशैली से सभी में आक्रोश व्याप्त है।
संगठन सचिव नीरज पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री ने इस महाघोटाले की जांच सीबीआई से कराने की घोषणा की थी। मगर एक माह पूरे होने को है सरकार अभी तक सीबीआई जांच कराने की प्रक्रिया में नहीं आ सकी है। सीबीआई जांच में देरी से ये साफ है कि घोटाले में लिप्त लोगों को सरकार बचाने की फिराक में हैं।
बिजली कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुशील गोस्वामी ने कहा कि ईमानदारी का पाठ पढ़ाने वाली प्रदेश सरकार इस महाघोटाले में कार्रवाई को लेकर सुस्त क्यों हैं? इससे सरकार की मंशा पर भी सवाल उठने लगे हैं। धरने को एसडीओ अजय कुशवाहा, इंजीनियर अवधेश पटेल, विजय कुमार, जेई चंदन प्रजापति, कर्मचारी संघ के मंडल अध्यक्ष नफीस अहमद आदि ने भी संबोधित किया।
इन सभी ने चेतावनी दी कि अगर सरकार व पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन तत्काल नही जागा तो सभी कर्मचारी व अधिकारी चार दिन के बाद से सामूहिक रूप से कार्य बहिष्कार कर आंदोलन तेज करेंगे। ये भी कहा कि इस दौरान अगर बिजली व्यवस्था में कोई भी व्यवधान पैदा होता है, तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। इस मौके पर इंजीनियर अजय यादव, अवधेश पटेल, विजय, पंचमलाल, विजय तिवारी, अनिल भारती, जयनंदन मिश्र, रवि वाल्मीकि, राजू खान आदि मौजूद रहे।
राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन उत्तर प्रदेश द्वारा 20 नवंबर से प्रस्तावित कार्य बहिष्कार के दृष्टिगत अपर जिला मजिस्ट्रेट जयचंद्र पांडेय ने सिटी मजिस्ट्रेट, उप जिला मजिस्ट्रेट व पुलिस क्षेत्राधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रस्तावित कार्य बहिष्कार के दौरान शांति, सुरक्षा व कानून-व्यवस्था बनाये रखने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करें।
अपर जिला मजिस्ट्रेट ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जनपद में विद्युत विभाग के संवेदनशील स्थानों की समीक्षा कर वहां पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कराएं। इसके साथ ही जनपद में स्थित पावर कॉर्पोरेशन की संपत्तियों, विद्युत गृहों, पारेषण विद्युत उपकेंद्रों, रिवर क्रॉसिंग, रिमोट टेली कम्युनिकेशन यूनिट, विद्युत वितरण उपकेंद्रों व संयंत्रों की पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित कराई जाए।
सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि यदि कहीं तोड़फोड़ की घटना होती है, तो उस पर तत्काल कड़ी कार्रवाई कराना सुनिश्चित करें और जो कर्मचारी कार्य बहिष्कार में नही जाते हैं उन्हें पर्याप्त सुरक्षा प्रदान की जाये। सभी अधिकारियों को ये भी निर्देश दिया गया है कि कार्य बहिष्कार के दौरान यदि किसी कर्मचारी के द्वारा तोड़फोड़ करने या अन्य लोगों को कार्य बहिष्कार के लिए उकसाया जाता है तो उसके विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कराते हुए विधिक कार्रवाई की जाए।
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