महसी के जानकीनगर में कटान कर रही सरयू नदी।
- फोटो : महसी के जानकीनगर में कटान कर रही सरयू नदी।
बहराइच। सरयू नदी का जलस्तर मंगलवार को एल्गिन ब्रिज पर दो सेमी ऊपर रहा, लेकिन कटान तेज होने से दहशत का माहौल है। जानकी नगर गांव कटान के कारण लगभग उजड़ चुका है। सोमवार रात से मंगलवार सुबह तक कटान में 11 और मकान व आठ जिओ बैग नदी में समा गए। ग्रामीण दहशत में हैं। पलायन का सिलसिला जारी है। महसी तहसील के जानकी नगर गांव का अस्तित्व खत्म होने के कगार पर है। गांव में कुल 95 मकान थे, लेकिन अब सिर्फ सात मकान ही सुरक्षित बचे हैं।
सोमवार रात नदी ने कटान करते हुए 11 और मकानों को निगल लिया। प्रभावित ग्रामीणों के मुताबिक, कटान इतनी तेज थी कि उन्हें संभलने का मौका भी नहीं मिला और लोग अपनी गृहस्थी छोड़कर भाग निकले। कटान की जद में गांव निवासी सुरेंद्र, संदीप, चेतराम, राजाराम, बदलू, राम धीरज, मनोज, और गंगाराम के मकान शामिल हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गृहस्थी का सारा सामान नदी की धारा में बह गया और करीब 20 बीघा उपजाऊ जमीन भी नदी में समा गई। गांव के चारों ओर पानी और कटान का संकट इतना गहरा है कि अब नदी ने गांव को तीन ओर से घेर लिया है। मुख्य रास्ते पर जलभराव और कीचड़ ने आवागमन मुश्किल है। ग्रामीणों ने बताया कि रात में कटान के दौरान बड़ी संख्या में जहरीले सांप ऊंचाई पर निकल आए, जिससे दहशत फैल गई।
जानकी नगर और नई बस्ती समेत आसपास के इलाकों को कटान से बचाने और नदी की धारा को मोड़ने के लिए के सरयू ड्रेनेज खंड ने बल्ली पाइलिंग और जिओ बैग लगवाए थे, लेकिन तेज धारा के आगे सारी कोशिशें नाकाम साबित हुईं। नदी आठ जिओ बैग को भी बहा ले गई। हालात पहले से ज्यादा भयावह हो गए हैं। कटान और तबाही से परेशान ग्रामीण खुले आसमान तले रात बिताने के साथ पलायन को मजबूर हैं।