बार्डर पर आने-जाने वाले लोगों की चेकिंग करते एसएसबी के जवान।
- फोटो : बार्डर पर आने-जाने वाले लोगों की चेकिंग करते एसएसबी के जवान।
रुपईडीहा। भारत-नेपाल सीमा पर चैरिटी और सेवा कार्यों की आड़ में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की सक्रियता बढ़ने की आशंका के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। सीमावर्ती इलाकों में चौकसी बढ़ा दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
सीमा पर तैनात खुफिया एजेंसियों को हाल ही में नेपाल के सूत्रों से भनक लगी है कि इन दिनों अनुदान, सामाजिक सेवा, मेडिकल कैंप और चैरिटी कार्यक्रमों के नाम पर कुछ विदेशी एनजीओ नेपाल में सक्रिय हैं। अधिकांश एनजीओ भारतीय सीमा से कुछ दूरी पर ही कार्यक्रम आयोजित करते हैं। इनमें अधिकांश पाकिस्तानी भी शामिल होते हैं, आशंका है कि कुछ संगठनों में शामिल विदेशियों में देश विरोधी तत्व भी हो सकते हैं।
विगत दिनों एसएसबी और एटीएस की संयुक्त टीम ने पाकिस्तान मूल के हस्सन अमान सलीम को नेपालगंज से पकड़ा था। वह एक मेडिकल कैंप में भाग लेने आया था। जांच एजेंसियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।
एसएसबी की 42वीं वाहिनी के कमांडेंट गंगा सिंह उदावत ने कहा कि इन घटनाओं के बाद सीमा सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और बढ़ा दी गई है। सीमावर्ती इलाकों में गश्त, निगरानी और खुफिया नेटवर्क को और मजबूत किया जा रहा है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को समय रहते रोका जा सके। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने और हर संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी नजर रखने के निर्देश सीमा चौकियों को जारी किए हैं।