ग्राम कंदौसा पुरवा में खसरा फैल गया है। खसरे से पीड़ित एक बच्चे की मंगलवार रात में इलाज के अभाव में मौत हो गई। जबकि आठ बच्चे चपेट में हैं।
खसरे से मौत की सूचना पाकर सुबह स्वास्थ्य टीम गांव पहुंची है। दो खसरा पीड़ितों की हालत नाजुक होने के चलते उन्हे जिला अस्पताल रेफर किया गया है। अन्य का इलाज कर दवाइयां दी गई हैं। खसरा फैलने से गांव के अन्य परिवारीजन भी दहशत में हैं।
तराई में बदल रहा मौसम संक्रामक रोग का सबब बन गया है। मौसम में उतार चढ़ाव के चलते फखरपुर के ग्राम कंदौसापुरवा में चार दिन से खसरे का प्रकोप है।
आठ परिवारों के बच्चे चपेट में हैं। खसरा फैलने की सूचना सोमवार को गांव के लोगों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर दी थी। लेकिन स्वास्थ्य अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया।
जिसके चलते खसरा पीड़ितों का घरेलू उपचार भी होता रहा। इलाज के अभाव में खसरे से पीड़ित राजन (3) पुत्र हिरई की मंगलवार देर रात तबियत बिगड़ गई।
परिवार के लोग जब उसे जिला अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे। तभी राजन ने दम तोड़ दिया। जिससे घर में कोहराम मच गया। इसी घर में राजन का छह माह का भाई साजन भी खसरे की चपेट में है। इसके अलावा गांव निवासी ज्ञानू (4), सुनैना (3), दूजी (5), प्रिंसी (2), कल्लू (6), राजेश (3) समेत आठ बच्चे खसरे की चपेट में हैं। यह सभी बिस्तर पर कराह रहे हैं।
रात में खसरे से मासूम के मौत की सूचना भी स्वास्थ्य केंद्र पर दी गई। इसके बाद स्वास्थ्यकर्मी हरकत में आए। बुधवार सुबह चिकित्सकों की टीम ने गांव पहुंचकर खसरा पीड़ितों का परीक्षण कर उपचार शुरू किया।
फखरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. प्रताप गौतम ने बताया कि साजन और ज्ञानू की हालत गंभीर होने के चलते उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। अन्य खसरा पीड़ितों को दवाइयां उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने गांव में गंदगी के चलते खसरा फैला है।