मेडिकल कॉलेज में परिजन के साथ वन्यजीव के हमले में घायल लकी राजपूत। -संवाद
खैरीघाट। खैरीघाट के लाला पिपरिहा गांव में शनिवार देर रात एक मासूम पर हिंसक वन्यजीव ने हमला कर दिया। वन्यजीव उसे जबड़े में दबाकर जंगल की ओर ले जाने का प्रयास कर रहा था, लेकिन बच्चे की चीख सुन उसकी मां दौड़ पड़ी और साहस का परिचय देते हुए उसे बचा लिया। लगभग पांच मिनट तक चले संघर्ष के बाद मां ने बच्चे को वन्यजीव के चंगुल से छुड़ा लिया।
गांव निवासी गुड़िया शनिवार रात नौ बजे के आसपास घर में खाना बना रही थीं। उसी दौरान उनका छह वर्षीय बेटा लकी राजपूत घर के बाहर खेलने चला गया। तभी जंगल की ओर से आए एक वन्यजीव ने उस पर हमला कर दिया।
बेटे की चीख सुनकर मां बाहर पहुंचीं और बिना अपनी जान की परवाह किए वन्यजीव से भिड़ गईं। शोर मचाते हुए लगभग पांच मिनट तक गुड़िया ने वन्यजीव का सामना किया। तब तक परिजन और ग्रामीण भी आ गए।
मां के साहस और ग्रामीणों की तत्परता से बच्चे की जान बच सकी, हालांकि वह घायल हो गया। गुड़िया ने बताया कि हमलावर वन्यजीव देखने में बाघ जैसा लग रहा था, लेकिन अंधेरा होने के कारण उसकी सही पहचान नहीं हो सकी।
घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल है। डीएफओ सुंदरेशा ने बताया कि वन विभाग की टीम इलाके में गश्त कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को सजग रहने के निर्देश दिए गए हैं।