पत्नी की बेवफाई से तंग आकर एक युवक ने शुक्रवार रात खुद को आग के हवाले कर दिया। घर के लोगों ने जब तक आग पर काबू पाया तब तक वह 70 फीसदी झुलस गया। गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल में भर्ती किया गया।
लेकिन शनिवार दोपहर यहां स्वास्थ्य कर्मचारियों की संवेदनहीनता उजागर हुई। युवक टॉयलेट के बाहर फर्श पर करीब एक घंटे तक कराहता रहा, कर्मचारी पास से गुजरते रहे लेकिन किसी ने उसे बेड तक नहीं पहुंचाया। मीडियाकर्मियों के पहुंचने पर हरकत में आए महकमे ने उसे तत्काल भर्ती किया।
रानीपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मक्कापुर फिरोजपुर गांव निवासी बड़कऊ (26), पत्नी नीरा की बेवफाई से तनाव में था। शुक्रवार रात उसका नीरा से विवाद हो गया। थोड़ी देर में विवाद इतना बढ़ा कि बड़कऊ ने खुद पर केरोसिन डालकर आग लगा ली।
पत्नी यह तमाशा देखती रही लेकिन उसने पति को रोकने की जहमत नहीं उठाई। बड़कऊ की चीख-पुकार सुनकर दौड़े परिवारीजनों ने किसी तरह लपटों पर काबू पाया। तत्काल उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने उसे बर्न वार्ड में भर्ती किया।
शनिवार दोपहर बड़कऊ को लघुशंका महसूस हुई। वह टॉयलेट गया लेकिन लौटते समय चक्कर आ जाने से वह फर्श पर गिर पड़ा। करीब एक घंटे तक वह फर्श पर पड़ा कराहता रहा लेकिन किसी कर्मचारी ने उसे हाथ नहीं लगाया। वे वहीं से गुजरते रहे लेकिन उसे बेड तक नहीं पहुंचाया।
इसकी भनक लगते ही मीडिया कर्मी मौके पर पहुंच गए। इस बात की जानकारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को दी गई तो हरकत में आए कर्मचारियों ने उसे तत्काल बेड पर शिफ्ट किया।