बहराइच। सैय्यद सालार मसऊद गाजी रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह पर जेठ मेले का औपचारिक उद्घाटन शनिवार शाम होगा। इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति शमीम अहमद इसका उद्घाटन करेंगे। इससे पूर्व बृहस्पतिवार को इसकी अनौपचारिक शुरुआत हो चुकी है। मेले के दूसरे दिन शुक्रवार को विभिन्न प्रांतों से आए जायरीन ने मजार-ए-मुबारक पर चादरपोशी व गुलपोशी की।
सैयद सालार मसऊज गाजी की दरगाह पर लगने वाले जेठ मेले के दूसरे दिन मौलाना अरशदुल कादरी के नेतृत्व में इंतजामिया कमेटी के सदस्यों ने दरगाह की मस्जिद में फजिर की नमाज अदा की। दरगाह प्रबंध समिति के अध्यक्ष शमशाद अहमद ने बताया कि मेले में विभिन्न जनपदों से लोगों का दरगाह पहुंचने का सिलसिला जारी है।
इस बार अच्छी दुकानदारी होने की उम्मीद
पिछले दो साल से जेठ का मेला कोरोना से प्रभावित रहा। पिछले साल कोरोना गाइडलाइन के अनुसार मेला लगा। कम भीड़ होने से दुकानदारों को निराशा हाथ लगी थी। लेकिन इस बार बड़ी संख्या में जायरीन मेले में पहुंच रहे हैं। दुकानदारों को उम्मीद है कि इस बार अच्छी दुकानदारी होगी।
डायवर्जन के बावजूद दरगाह होकर निकल रहे ट्रक
दरगाह मेले के मद्देनजर शहर व मेला परिक्षेत्र में जाम न लगे इसके लिए जिला प्रशासन ने रूट डायवर्जन कर दिया है। लेकिन बड़े वाहन बेरोकटोक निकल रहे हैं। बृहस्पतिवार रात शहर के छावनी होते हुए दरगाह क्षेत्र से तमाम ट्रक गुजरे।
अग्निपीड़ितों को नहीं मिला मुआवजा
दरगाह में कुछ दिन पहले दुकानों में आग लग गई थी। जिससे 12 दुकानें पूरी तरीके से जल गईं थीं। जिला प्रशासन ने पीड़ितों को अभी तक मुआवजा नहीं दिया है। जिससे पीड़ित दुकानदारों को निराशा है।
चित्तौरा झील के तट पर जियारत करने पहुंचने लगे जायरीन
दरगाह मेले में पहुंचने से पहले जायरीन पहले वीर शिरोमणि महाराजा सुहेलदेव स्मारक स्थल के चित्तौरा झील के तट पहुंचते हैं। झील में स्नान करने के बाद ही जायरीन दरगाह मेला जाते हैं। शुक्रवार को सिद्धार्थनगर, खलीलाबाद, गोरखपुर, संतकबीर नगर, बस्ती, अंबेडकरनगर, फैजाबाद व सुल्तानपुर आदि स्थानों से आने वाले जायरीन ने सबसे पहले चित्तौरा झील में स्नान किया।