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Bahraich News: घटना छिपाने के प्रयास में देर से दी सूचना, नहीं तो बच जाती मजदूरों की जान

Sat, 26 Apr 2025 04:11 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
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बहराइच के दरगाह मोहल्ला ​स्थित मिल में ड्रायर फटने के बाद फैले धुएं से श्रमिकों की मौत के बाद म
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बहराइच। आग और धुएं के गुबार के बीच फंसे मजदूरों की चीख सुन आसपास के लोग भी सहम गए। इस दिल दहलाने वाले हादसे के बाद लापरवाही भी चरम पर रही। हादसे को छिपाने के लिए जहां मिल प्रशासन ने एक घंटा बाद दमकल को सूचना दी तो वहीं दमकलकर्मी भी सूचना के एक घंटे बाद पहुंचे। यही नहीं, घटना में गंभीर हुए तीन लोगों को ढाई घंटे बाद मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। स्थानीय लोगोंं का कहना है कि अगर सभी ने समय रहते अपनी जिम्मेदारी निभाई होती तो मजदूरों की जान बच जाती।
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हादसे का मंजर : अंदर धुआं ही धुआं, लोग चिल्ला रहे थे
मोहल्ले के रहने वाले रईस अहमद ने बताया कि हम लोग नमाज पढ़ रहे थे, तभी जोरदार धमाका हुआ। बाहर निकलकर देखा तो मिल की चिमनी से काला धुआं निकल रह था। अंदर लोग भागदौड़ कर रहे थे। चीख पुकार मची थी। अंदर फंसे मजदूरों की चीखें कानों में गूंज रही थीं। मिल के एक बचे हुए मजदूर ने कांपती आवाज में कहा, हमने फायर अलार्म दबाया, लेकिन कुछ काम नहीं आया। धुएं में कुछ दिख नहीं रहा था। बस दौड़कर बाहर भागे, लेकिन कुछ दूरी पर बेहोश हो गए। बाकी पांच साथी अंदर ही रह गए।

कब क्या हुआ
6:30 बजे धमाका
7:30 बजे फायर ब्रिगेड को सूचना
8:30 बजे मौके पर प्रशासनिक टीम पहुंची
9:00 बजे घायलों को मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया

सूचना के एक घंटे बाद पहुंची दमकल, हो चुकी थी बहुत देर
ड्रायर फटने और आग लगने की सूचना दमकल विभाग को घटना के करीब एक घंटे बाद दी गई। लेकिन सूचना के बाद भी दमकल गाड़ी को मिल तक पहुंचने में एक घंटा लग गया। दमकलकर्मी जब तक अंदर दाखिल होते तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था। किसी तरह कर्मियों ने मरणासन्न साथियों को बाहर निकाला, लेकिन पांच श्रमिकों के अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। तीन श्रमिकों का गंभीर हालत में इलाज चल रहा है।
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रिहायशी बस्ती में बेखौफ चल रहीं मिलें, मानक नदारद
जिस जगह पर राजगढ़िया मिल चल रही है, वह रिहायशी है। आसपास छोटे बच्चे, बुज़ुर्ग, और परिवार रहते हैं। वहीं मिल में कोई फायर सेफ्टी जो नहीं, न कोई इमरजेंसी एग्जिट। वहां से कुछ ही मीटर की दूरी पर एक स्कूल भी है। स्थानीय रजिया बेगम गुस्से में कहती हैं, कितनी बार शिकायत की, कोई सुनवाई नहीं हुई। क्या हमारी जान की कीमत नहीं।
प्रशासन का रवैया, सिर्फ जांच की बात
हादसे के बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे और हमेशा की तरह जांच के आदेश देकर चलते बने। सवाल यह उठता है कि क्या यह पहली घटना थी। क्या पहले कोई निरीक्षण हुआ। डीएम मोनिका रानी ने बताया कि घटना की बारीकी से जांच करवाई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।
ऐसी मिलें कितनी सुरक्षित
हमारी पड़ताल में पता चला कि शहर के रिहायशी इलाके दरगाह शरीफ, वशीरगंज, चांदपुरा में कई ऐसी मिलें और फैक्ट्रियां संचालित हैं जो या तो फायर एनओसी के बिना चल रही हैं या फिर उनके पास सिर्फ कागजी दस्तावेज हैं। जमीनी स्तर पर सुरक्षा के प्रबंध नहीं हैं।

मजदूरों की जान का मोल क्या सिर्फ मजदूरी है
हादसे के शिकार मजदूरों के परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। एक मजदूर की पत्नी ने कहा वह रोज 400 रुपये कमाकर आते थे। उसी से परिवार चलता था। अब हमारे बच्चों का क्या होगा।

फायर विभाग को करीब 7:30 बजे सूचना मिली थी। उसी समय दो वाहनों के साथ मौके पर पहुंच गया। कई मजदूर सबसे ऊंचाई वाले टावर पर फंसे थे। उनको सुरक्षित निकाला गया। मिल में लगी आग और फिर उससे निकले धुएं से संभव है लोगों की मौत हुई।
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पुलकित चौधरी, अग्निशमन अधिकारी-बहराइच
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