पुलिस विभाग में रसूखदार वर्दीधारियों के बोलबाले की बानगी रविवार को देखने को मिली। महज आधे घंटे में दो एसओ के किए गए गैर जनपद तबादला आदेश में फेरबदल कर दिया गया। एक एसओ को एसपी ने तत्काल रिलीव कर दिया। जबकि दूसरे को नया आदेश आते ही वायरलेस से रोक दिया गया।
दूसरी तरफ डीआईजी के आदेश के बाद भी मोतीपुर एसओ को रिलीव नहीं किया गया। इसी तरह कल 58 साल की आयु सीमा पूरी करने वाले इंस्पेक्टर को भी थाने की कमान दे दी गई।
पुलिस महानिरीक्षक गोरखपुर अमिताभ यश की ओर से रविवार को दरगाह एसओ धनंजय सिंह व रामगांव एसओ डीपी कुशवाहा को गोरखपुर स्थानांतरित करने का आदेश जारी किया गया था। एसपी ने आदेश मिलने पर दरोगा धनंजय सिंह को रिलीव कर दिया। जबकि एसओ डीपी कुशवाहा के लिए आधे घंटे बाद ही स्थानांतरण रद्द करने का आदेश आईजी ने भेज दिया।
रात नौ बजे के करीब वायरलेस से दूसरे आदेश के मिलने की सूचना सभी थानों को जारी कर दी गई। दूसरी तरफ डीआईजी देवीपाटन मंडल जेपी सिंह ने मोतीपुर एसओ मोहम्मद यासीन और विशेश्वरगंज एसओ बीके यादव को श्रावस्ती व सलारगंज चौकी प्रभारी रामसुधार सिंह को गोंडा जनपद स्थानांतरित करने का आदेश दिया था।
आदेश मिलने पर देर शाम चौकी प्रभारी व विशेश्वरगंज एसओ को रिलीव कर दिया गया। जबकि मोतीपुर एसओ को रिलीव करने का आदेश ही जारी नहीं किया गया। देर रात खाली हुए पदों पर तैनाती करते हुए एसपी ने खैरीघाट एसओ छोटक यादव को विशेश्वरगंज एसओ, पीआरओ संजय मिश्रा को दरगाह एसओ व पुलिस लाइन से इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार को नवाबगंज एसओ बना दिया।
जबकि 58 साल की आयु 30 जून को पूरी करने वाले इंस्पेक्टर हरिश्चंद्र यादव को नवाबगंज से खैरीघाट स्थानांतरित कर दिया गया। डीजीपी ने शासनादेश जारी करते हुए 58 साल की आयु पूरी करने वालों को तत्काल हटाने का आदेश दे रखा है।
देखेंगे पूरा मामला: एसपी
पुलिस अधीक्षक नेहा पांडेय ने कहा कि 58 साल पूरी करने वाले पुलिस वालों को थाना प्रभारी बनाए जाने के संबंध में वह स्वयं जांच कराएंगी। अगर कहीं कोई कमी मिलती है तो जरूरी कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने आईजी व डीआईजी स्तर के आदेशों पर कुछ भी बोलने से इंकार किया। उधर आईजी से मोबाइल पर बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।
यह हुई थी कार्रवाई
चार माह पूर्व तत्कालीन एसपी आरएल वर्मा ने 58 साल की आयु पूरी करने पर नानपारा कोतवाल आरडी चौहान, मुर्तिहा कोतवाल सुरेेश बाबू और कैसरगंज के प्रभारी निरीक्षक रामइकबाल को हटा दिया था। ऐसे में रविवार को एसपी द्वारा किए गए स्थानांतरण से सवाल खड़े होने शुरू हो गए हैं। सबका कहना है कि महज दो दिन के लिए ही थाने का चार्ज कैसे थमा दिया गया है।
काफी विवादित रहे हैं कुशवाहा
रामगांव थाने में तैनात थानाध्यक्ष डीपी कुशवाहा काफी विवादित रहे हैं। रिसिया और नवाबगंज में वह एसओ की कुर्सी संभाल चुके हैं। गोवंश की तस्करी, कब्जा कराने समेत कई गंभीर आरोप इन पर मढ़े गए हैं। इसके बावजूद अधिकारियों की कृपा मिल रही है। जिसके चलते जिले की पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।