विशेश्वरगंज सीएचसी में बंद हेल्थ एटीएम।
विशेश्वरगंज/ बहराइच। सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की कमी है जिससे मरीजों को हर रोज परेशान होना पड़ रहा है। ओपीडी व इमरजेंसी दोनों चलाना मुश्किल हो गया है। हालात यह है कि नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं न मिलने के कारण मरीजों को निराश होना पड़ रहा है। सीएचसी में लगी हेल्थ एटीएम नेटवर्क के अभाव में बंद पड़ी है जिससे मरीजों को अधिकांश जांचें बाहर से कराना पड़ता है।
दोपहर लगभग एक बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 10 से 12 मरीज मौजूद हैं। ओपीडी में अधीक्षक डॉ. प्रवीन कुमार पांडेय मरीजों को देख रहे हैं। इसके अलावा नसबंदी कैंप लगा है जिसमें अन्य डॉक्टर व स्टाफ लगे हैं। कुछ मरीज काउंटर पर दवा ले रहे हैं। यहां मौजूद वृद्ध मरीज रक्षाराम ने बताया कि डॉक्टर को दिखाया है। उन्होंने दवा लिखी थी जो मिल गई है। हेल्थ एटीएम बंद मिला। पड़ताल के दौरान पता चला कि टेक्नीशियन तो हैं लेकिन नेटवर्क न होने के कारण मशीन दो महीने से काम नहीं कर रही है। उच्च रक्तचाप, शुगर, टीबी की जांच हो रही है। शेष जांचें मरीज बाहर से कराते हैं। रात की इमरजेंसी सिर्फ एक डॉक्टर के भरोसे रहती है। यदि एक साथ कई मरीज पहुंच गए तो उनका इलाज करना मुश्किल हो जाता है।
मालूम हो कि यहां प्रतिदिन लगभग 150 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं लेकिन चिकित्सक के अभाव में मरीजों को परेशान होना पड़ता है। सीएचसी में छह डॉक्टरों की तैनाती होनी चाहिए लेकिन वर्तमान में अधीक्षक समेत फिजीशियन डॉ. कुनाल, डॉ. मोहम्मद आरिफ तीन डॉक्टर तैनात हैं। इसके अलावा चार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं, जहां तीन डॉक्टरों की ही तैनाती है। में पीएचसी गंगवल व पीएचसी तेंदुआ कबीर में एक भी डॉक्टर नहीं है। यहां यदि कोई मरीज आया तो फार्मासिस्ट व सीएचओ से दवा लेकर चला जाता है।
चित्तौरा सीएचसी में भी चार डॉक्टरों की कमी
चित्तौरा (बहराइच)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चित्तौरा में सात डॉक्टरों की तैनाती होनी चाहिए जबकि यहां सिर्फ तीन डॉक्टरों की ही तैनाती है। रात में मरीजों के इलाज की व्यवस्था है जो भी मरीज आते हैं उन्हें भर्ती कर इलाज किया जाता है। गंभीर मरीजों को मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ता है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
विशेश्वरगंज सीएचसी अधीक्षक डॉ. प्रवीन कुमार पांडेय ने बताया कि डॉक्टरों की कमी के बारे में उच्चाधिकारियों को सूचित किया गया है। सीमित संसाधनों से स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। रात में इमरजेंसी कक्ष में एक डॉक्टर की तैनाती की गई है। चित्तौरा सीएचसी अधीक्षक डॉ.मोहम्मद तबरेज ने बताया कि सीएचसी में चार डॉक्टरों की कमी है। तीन डॉक्टर आने वाले मरीजों का इलाज कर रहे हैं।