भारत-नेपाल की खुली सीमा पर सोमवार को मानव शृंखला बनाकर आम जन को मानव तस्करी के प्रति जागरूक किया गया। दोनों देशों के सुरक्षा अधिकारियों की मौजूदगी में हुए इस आयोजन में सीमावर्ती स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने भी प्रतिभाग किया। भारत-नेपाल सीमा पर कुछ दिनों से मानव तस्करी अचानक बढ़ी है।
इसके प्रति जागरूकता लाने के लिए सोमवार को नेपाल की सामाजिक संस्था मायती की ओर से एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग डे मनाया गया। सुबह नोमेंस लैंड पर एसडीएम नानपारा एसपी शुक्ल तथा नेपाल के बांके जिले के डीएम गोबिंद लाल पंत की अगुवाई में दोनों देशों के सुरक्षा और प्रशासनिक अधिकारी एकत्र हुए।
इस मौके पर मानव तस्करी जागरूकता के लिए साइकिल रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। एसडीएम ने कहा कि दोनों देशों की जागरूकता से ही मानव तस्करी पर अंकुश लगाया जा सकता है। मानव तस्करी रोकने के लिए दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों के साथ नागरिकों को भी सजग रहना होगा।
सीओ नानपारा अजय भदौरिया ने भारत-नेपाल के संबंधों पर चर्चा की। एसएसबी सातवीं बटालियन के सब इंस्पेक्टर गौतम ने कहा कि मानव तस्करी के अब तक तीन सौ से अधिक मामले सामने आए हैं। जिनमें प्रभावित नेपाली युवतियों को मायती संस्था को सौंपा गया है।