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बहराइच: बिना वैक्सीन अभियान कैसे बचंेगे नादान

Sat, 18 Feb 2023 10:29 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
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बहराइच मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला चिकित्सालय। -संवाद
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बहराइच। वैक्सीन की किल्लत के चलते बच्चों का टीकाकरण दूसरे चरण में भी नहीं हो पा रहा है। कोरोनाकाल के बाद से बेपटरी हुआ ये अभियान अभी तक किसी न किसी कारण से बाधित ही होता रहता है। आशंका हमेशा रहती है कि जिले में शून्य से पांच वर्ष तक की आयु के बच्चें कहीं जानलेवा बीमारियों की चपेट में न आ जाएं।
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कोरोना संक्रमण कम होने के बाद भी कई बार स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीकाकरण अभियान को गति प्रदान करने की कोशिश की गई, लेकिन ऐसा हो न सका। बीते 13 फरवरी को शुरू किए गए विशेेष टीकाकरण अभियान के द्वितीय चरण का शुभारंंभ किया गया, लेेकिन अब इसमें वैक्सीन की कमी आड़े आ रही है। ऐसे में एक बार फिर टीकाकरण अभियान बाधित हो रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीकाकरण शुरू किया गया था लेेकिन अक्तूबर में बाढ़ आ जाने के कारण जिले की विभिन्न तहसीलें जलमग्न हो गईं। इससे टीकाकरण कार्य प्रभावित हुआ। इसके बाद शासन के निर्देश पर दिसंबर माह में लक्ष्य निर्धारित करते हुए लगभग सात लाख मासूमों को हेपेटाइटिस बी, खसरा, निमोनिया समेत अन्य जानलेवा बीमारियों से बचाव के लिए विशेष टीकाकरण अभियान शुरू किया। प्रथम चरण का अभियान भी किसी प्रकार औपचारिकताओं के बीच पूरा हुआ। विशेष टीकाकरण अभियान के द्वितीय चरण का शुभारंभ बीते 13 फरवरी को किया गया है। शून्य से पांच वर्ष तक की आयु वर्ग वालेे बच्चों के टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर सेे चयनित स्थानों पर स्वास्थ्य टीमों द्वारा मासूूमों का टीकाकरण करनेे के दावे भी किए जा रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के इन दावों की कलई खुलती तब नजर आती है जब टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुुंचने वाले अभिभावकों को पता चलता है कि वैक्सीन है ही नहीं। मासूूमों को लगाए जाने वाले पीसीवी व निमोनिया से बचाव के लिए लगाई जाने वाली वैक्सीन स्वास्थ्य केंद्रों व स्वास्थ्य टीमों के पास से नदारद है। सिर्फ ग्रामीण क्षेेत्र ही नहीं बल्कि शहर में भी यही स्थिति है। मेडिकल कॉलेज व इससे संबद्ध जिला चिकित्सालय में आने वाले अभिभावकों को भी मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। इससे स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष टीकाकरण अभियान पर भी असर पड़ रहा है। बीते कई वर्षों से मासूूमों का टीकाकरण न होने से वे बीमारियों की चपेट में आ रहे हैैं।
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दोबारा करनी होगी मेहनत
स्वास्थ्य विभाग की ओर से गठित की गई वैक्सीनेशन टीमों द्वारा चयनित स्थानों पर शिविर लगाकर व घर-घर जाकर मासूूमों का टीकाकरण किया जा रहा है। पीसीवी व निमोनिया की वैक्सीन उपलब्ध न होने से अन्य बीमारियों से बचाव की वैक्सीन मासूमों को दी जा रही है। पीसीवी व निमोनिया की वैक्सीन उपलब्ध होने पर स्वास्थ्य कर्मियों को फिर मेहनत करनी होगी।

शीघ्र उपलब्ध होगी वैक्सीन
वर्तमान समय में पीसीवी व निमोनिया की वैक्सीन जिले में उपलब्ध नहीं है। ऐेसे में इसकी खुुराक नहीं दी जा रही। जबकि अन्य बीमारियों से निजात दिलाने के लिए टीकाकरण का कार्य किया जा रहा है। वैक्सीन उपलब्ध होने के बाद इसकी खुराक भी मासूमों को दी जाएगी। डॉ.एसके सिंह, सीएमओ।
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