डीएम के गोद लिए गांव में भी हौसला पोषण के हौसले पस्त
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हौसला पोषण मिशन योजना के तहत सराय जगना आंगनबाड़ी केंद्र को डीएम अभय ने गोद लिया था। लगभग एक माह से केंद्र को बजट नहीं मिला है। जिसके चलते केंद्र पर खाना नहीं बन पा रहा है। दलिया बांटकर महज मासूमों और गर्भवती महिलाओं का पेट भरा जा रहा है। अन्य केंद्रों के हालत भी यही हैं। अफसर दो से तीन दिन के अंदर केंद्रों के खाते में पैसा पहुंचने की बात कहकर किनारा कस रहे हैं।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की ओर से शुरु की गई हौसला पोषण मिशन योजना शुरुआती दौरे में ही दम तोड़ती नजर आ रही है। आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए भेजे जाने वाले बर्तन और दूध व घी के डिब्बे परियोजना कार्यालयों में डंप पड़े हैं। वहीं बजट के अभाव में केंद्रों पर खाना भी नहीं बन पा रहा है। डीएम के गोद लिए गए केंद्र से भी लगभग 75 मासूमों और 21 गर्भवती महिलाओं को बजट के अभाव में खाना नहीं मिल पा रहा है।
सीन एक
विकास खंड फखरपुर
केंद्र- सराय जगना- आंगनबाड़ी केंद्र सराय जगना को डीएम अभय ने गोद ले रखा है। केंद्र पर मौजूद कार्यकर्त्री रामावती ने बताया कि केंद्र पर 75 बच्चे व 21 गर्भवती महिलाएं पंजीकृत हैं। कार्यकर्त्री ने बताया कि 17 जुलाई के बाद से केंद्र को बजट नहीं भेजा गया है। जिससे दूसरे माध्यमों से खाना बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
सीन दो
विकास खंड बलहा
केंद्र- नीलकोठी&केंद्र पर कार्यकत्री गीता शर्मा मौजूद मिलीं। उन्होंने बताया कि केंद्र पर पंजीकृत बच्चों को दलिया का वितरण किया गया है। बजट नहीं होने से खाना नहीं बन सका है।
सीन तीन
विकास खंड चित्तौरा केंद्र- तेलियनपुरवा- केंद्र पर 30 बच्चे और 26 गर्भवती महिलाएं हैं। केंद्र पर मौजूद कार्यकर्त्री सुशीला ने बताया कि बच्चों व गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक भोजन देने के साथ ही दूध और घी का वितरण भी किया गया है।
बजट आया, मांगी गई सूची
बाल विकास एवं पुष्टाहार निदेशालय की ओर से बजट नहीं भेजा गया था। अब बजट आया है। बजट मिलने के बाद सभी सीडीपीओ से केंद्रों की सूची मांगी गई है। कुछ सूची मिली है। जिसको बजट भेजा जा रहा है। दो से तीन दिन में बजट खातों में पहुंच जाएगा। -सुनील श्रीवास्तव, डीपीओ, बहराइच