बहराइच। रंगों का पर्व होली जिले में सिर्फ अबीर-गुलाल तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यहां होली आस्था, परंपरा और सामूहिक उत्सव का जीवंत संगम बन चुकी है। गांवों में फाग और चौताल की स्वर लहरियां भले अब कम सुनाई देती हों, लेकिन मंदिरों में उमड़ती भीड़ और फूलों की होली का उल्लास जिले की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए हुए है। इस बार भी श्याम प्रभु और दादी रानी सती के मंदिरों में होली को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं।
नानपारा स्थित राणी सती मंदिर में फाल्गुन महोत्सव परंपरागत ढंग से चल रहा है। होलिका दहन के दिन विशेष पूजा-अर्चना के बाद श्याम प्रभु को समर्पित भजन-कीर्तन होगा। इसके बाद चांचर जुलूस निकलेगा और फूलों की होली खेली जाएगी। मंदिर परिसर को आकर्षक रोशनी और पुष्प सज्जा से सजाया जा रहा है।
इसी तरह बहराइच रेलवे स्टेशन परिसर स्थित राणी सती दादी मंदिर तथा नवाबगंज के धर्मशाला मंदिर में भी रंगोत्सव की तैयारियां चरम पर हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि यहां की फूलों की होली में आस्था के साथ-साथ सौहार्द और भाईचारे की अनूठी मिसाल देखने को मिलती है।
-
सिर्फ रंगों का खेल नहीं, परंपरा का निर्वहन भी है होली
श्री श्याम प्रभु एवं दादी राणी सती मंदिर समिति, नानपारा के अध्यक्ष राम स्वरूप अग्रवाल ने बताया कि हमारी होली सिर्फ रंगों का खेल नहीं, बल्कि परंपरा का निर्वहन है। श्याम प्रभु की पूजा और फूलों की होली हमारे लिए आस्था का उत्सव है। इस बार आयोजन को और भव्य बनाया गया है। मधुमिता गुप्ता ने बताया कि होलिका दहन की रात पूजा के बाद जब श्याम प्रभु के साथ फूलों की होली खेली जाती है, तो पूरा वातावरण भक्ति और उल्लास से भर जाता है। यह क्षण अविस्मरणीय होता है।
सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाएं होली
डीएम अक्षय त्रिपाठी ने बताया कि प्रशासन का उद्देश्य है कि सभी नागरिक सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में होली मनाएं। शांति समिति की बैठकों के माध्यम से आपसी समन्वय मजबूत किया गया है। बीते वर्षों की कुछ अप्रिय घटनाओं को ध्यान में रखते हुए इस बार विशेष सतर्कता बरती जा रही है। मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी गई है और शराब बिक्री पर भी निगरानी रखी जा रही है।
एसपी आरएन सिंह ने बताया कि होली के मद्देनजर हर संवेदनशील क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती की गई है। सोशल मीडिया मॉनिटरिंग भी की जा रही है, ताकि किसी तरह की अफवाह न फैल सके। होली को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा, जबकि ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की तैयारी है।