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Bahraich News: सिर पर मौत बनकर खड़े पांच चौराहों पर लगे होर्डिंग

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शहर में लगे अवैध होर्डिंग।
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बहराइच। शहर की सड़कों पर लगे लगे बड़े-बड़े अवैध होर्डिंग राहगीरों के सिर पर मौत बनकर खड़े हैं। तेज हवा चलने, खंभे कमजोर होने या आधार खिसकने से इनके गिरने की आशंका रहती है। डिगिहा, अस्पताल चौराहा, कलेक्ट्रेट चौराहा, घंटाघर और चांदपुरा जैसे व्यस्त स्थानों पर लगे विज्ञापन बोर्डों की मजबूती और सुरक्षा की नियमित जांच को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
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नगर पालिका क्षेत्र में करीब 450 होर्डिंग और बैनर लगे होने का अनुमान है, जबकि अधिकृत यूनीपोल की संख्या 15 बताई गई है। नगर पालिका बीते एक वर्ष में दो हजार से अधिक होर्डिंग हटवा चुकी है, लेकिन कुछ समय बाद फिर प्रचार सामग्री लगा दी जाती है। ऐसे में अवैध होर्डिंग हटाने के साथ बड़े विज्ञापन ढांचों की मजबूती, यातायात की दृश्यता और राहगीरों की सुरक्षा की जांच भी जरूरी है।

पांच जगह, पांच सवाल

1. डिगिहा तिराहा : खंभों और आधार की मजबूती पर सवाल

डिगिहा शहर के प्रमुख आवागमन वाले स्थानों में शामिल है। यहां लगे बड़े होर्डिंग के खंभों, जोड़ों और जमीन में बने आधार की जांच जरूरी है। कहीं जंग, दरार और ढीलापन वाले ढांचों पर होर्डिंग लगे हैं तो कहीं बांस और बल्लियों के सहारे विज्ञापन बोर्ड खड़े किए गए हैं। इनकी तकनीकी जांच न होने से खतरा बना हुआ है।
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2. स्टेडियम रोड : दांव पर मरीजों और तीमारदारों की सुरक्षा

सिविल लाइंस स्थित स्टेडियम रोड से होकर लोग मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल पहुंचते हैं। इस मार्ग पर मरीजों, तीमारदारों और अन्य राहगीरों की आवाजाही रहती है। यहां बेतरतीब लगे होर्डिंग के कमजोर होने पर गंभीर हादसा हो सकता है। ये एंबुलेंस और दूसरे वाहनों की आवाजाही के साथ चालकों की दृश्यता भी प्रभावित कर सकते हैं।

3. तिकोनीबाग तिराहा : यातायात की दृश्यता प्रभावित

तिकोनीबाग तिराहे पर वाहनों और पैदल यात्रियों की आवाजाही के बीच विज्ञापन बोर्डों की स्थिति चिंता बढ़ाती है। मोड़, सड़क पार करने के स्थान और यातायात संकेतों के आसपास लगे होर्डिंग से दृश्यता बाधित होने की आशंका है। इस ओर यातायात पुलिस और नगर पालिका को ध्यान देने की जरूरत है।

4. छावनी चौराहा : भीड़ के बीच खतरा

छावनी चौराहे पर लोगों की आवाजाही को देखते हुए बड़े होर्डिंग के खंभों, जोड़ों और आधार की तकनीकी जांच जरूरी है। यहां जगह-जगह लगे और लटकते होर्डिंग राहगीरों के लिए खतरा बन सकते हैं। नियमित निरीक्षण से जोखिम वाले ढांचों की पहचान की जा सकती है।

5. गोलवाघाट: सड़क की ओर झुके होर्डिंग

लखनऊ-बहराइच मार्ग पर स्थित गोलवाघाट पुल के दोनों ओर बड़े विज्ञापन बोर्ड लगे हैं। कुछ स्थानों पर होर्डिंग सड़क की ओर झुके हुए हैं। इससे वाहन चालकों की दृश्यता प्रभावित होने के साथ दुर्घटना का खतरा भी बढ़ सकता है। नियमित निगरानी और समय पर मरम्मत से जोखिम कम किया जा सकता है।

ब्लैक स्पॉट पर हटाए जाते हैं बोर्ड

यातायात क्षेत्राधिकारी राज सिंह ने बताया कि गोंडा-बलरामपुर दोनक्का तिराहा और टिकोरामोड़ को ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नित किया गया है। इन स्थानों पर लगातार निगरानी की जाती है और यातायात प्रभावित करने वाले होर्डिंग हटवा दिए जाते हैं। फिलहाल शहर में दृश्यता बाधित करने वाले विज्ञापन बोर्ड चिह्नित नहीं हैं।

हवा के दबाव के अनुसार हो डिजाइन

सेवानिवृत्त इंजीनियर एके सिंह के अनुसार, बड़े विज्ञापन ढांचों के खंभों, जोड़ों, नींव और आधार की मजबूती की जांच जरूरी है। ढांचे का डिजाइन उसके आकार, वजन और हवा के दबाव को ध्यान में रखकर तैयार किया जाना चाहिए। जंग, दरार और ढीलेपन की नियमित जांच होनी चाहिए।


अभियान चलाकर हटवाए जाते हैं होर्डिंग

शहर में होर्डिंग लगाने की अनुमति नहीं है। जहां भी होर्डिंग लगाए जाते हैं, उन्हें समय-समय पर अभियान चलाकर हटवाया जाता है। करीब 10 दिन पहले अभियान में लगभग डेढ़ सौ होर्डिंग हटवाए गए थे। त्योहारों के दौरान फिर जगह-जगह होर्डिंग लगाए जाने की सूचना मिली है। निरीक्षण कर सूची तैयार कराई जाएगी। इसके बाद उन्हें हटाने का अभियान चलाया जाएगा। - प्रमिता सिंह, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका

शहर में लगे अवैध होर्डिंग।

शहर में लगे अवैध होर्डिंग।

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