बहराइच। जिले के मदरसे में आधुनिक शिक्षा का हाल चिंताजनक है। वहां हाईस्कूल में पढ़ने वाले छात्र अपना व मदरसे का नाम अंग्रेजी में नहीं लिख पा रहे हैं। इसका खुलासा जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी संजय मिश्र की जांच में हुआ। मामला बड़ी तकिया स्थित मान्यता प्राप्त मदरसा जामिया गजिया सय्यैदुल उलूम का है। जहां प्रबंधक को नोटिस दिया गया है।
मदरसों में आधुनिक शिक्षा देने के लिए संविदा पर शिक्षकों की तैनाती की गई है। ताकि धार्मिक शिक्षा के साथ यहां पढ़ने वाले बच्चे अन्य भाषाओं को भी जान सकें। लेकिन यहां आधुनिक शिक्षा के नाम पर अभी हाईस्कूल के छात्रों को ए, बी, सी, डी ही पढ़ाया जा रहा है। इसका खुलासा कुछ दिन पूर्व अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की जांच में हुआ। वह जिले के तकिया के मदरसा बड़ी तकिया के मदरसा जामिया गजिया सय्यैदुल उलूम में औचक जांच के लिए गए थे। वहां छात्रों की उपस्थिति कम थी। उन्होंने जब हाईस्कूल के छात्र से अपना व मदरसे का नाम लिखने को कहा तो वह नहीं लिख पाया। पूछने पर बताया गया कि अभी वह ए, बी, सी, डी ही सीख रहा है। इससे नाराज डीएमओ ने मदरसा प्रबंधक को नोटिस जारी किया है। इस मौके पर डीएमओ ने बताया कि जांच के दौरान एक शिक्षक रजिस्टर में हस्ताक्षर कर गायब था। उसे व मदरसे की खराब शिक्षा व्यवस्था को देखते हुए प्रबंधक को नोटिस जारी किया गया है।
जिले में 301 मदरसा मान्यता प्राप्त हैं, जहां आधुनिक शिक्षा देना अनिवार्य है। ऐसे ही जिले में 495 गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों की भी पहचान की गई है। जिन्हें बंद करने का आदेश सरकार ने पहले ही दे रखा है।