फैजाबाद में आईएसआई एजेंट की गिरफ्तारी के बाद भारत-नेपाल की खुली सीमा पर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। सीमा पर आने-जाने वालों की कड़ी तलाशी ली जा रही है। साथ ही सीसीटीवी कैमरों से निगरानी के साथ लोगों का ब्यौरा भी दर्ज किया जा रहा है। हाई अलर्ट के चलते जंगल और ग्रामीण अंचलों के रास्तों पर चौकसी तेज कर दी गई है।
भारत-नेपाल की खुली सीमा अरसे से आतंकवादियों को रास आती रही है। वर्ष 2008 में भारत-नेपाल सीमा पर रुपईडीहा थाना क्षेत्र में आईएसआई एजेंट मशरूर उर्फ रमेश चौधरी की गिरफ्तारी हुई थी। अब फैजाबाद में आईएसआई एजेंट पकड़ा गया है।
इसके बाद भारत-नेपाल सीमा पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। गौरतलब हो कि नेपाल की खुली सीमा बहराइच जिले से 100 किलोमीटर तक है। इनमें 60 किलोमीटर जंगल से आच्छादित है। दुरूह इलाका होने के चलते अक्सर भारत विरोधी तत्व इसी रास्ते से भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करते हैं। संवेदनशील सीमा होने के कारण पुलिस महानिदेशक ने विशेष चौकसी बरतने के आदेश दिए हैं।
उसी के तहत सीमा से सटे नानपारा, रुपईडीहा, नवाबगंज, मुर्तिहा, मोतीपुर और सुजौली थानों के थानाध्यक्षों को भी अलर्ट किया गया है। एसएसबी रुपईडीहा बार्डर आउटपोस्ट 42वीं वाहिनी के सहायक कमांडेंट जगजीत बहादुर जगुवार ने बताया कि हाई अलर्ट का आदेश मिला है। इसके चलते नोमेंस लैंड पर गश्त और बढ़ा दी गई है। मुख्य मार्ग पर आवागमन करने वालों का ब्यौरा दर्ज किया जा रहा है।
सीमा पार से भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने वाले लोगों पर सीसीटीवी कैमरे से भी नजर रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा निबिया, मनवरिया, पचपकरी बार्डर आउटपोस्ट पर भी सघन तलाशी की जा रही है।